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अमित शाह ने विपक्ष को दी चर्चा की पेशकश, नीट पेपर लीक पर उठे सवाल

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नीट पेपर लीक और छात्रों के प्रदर्शन पर विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए चर्चा की पेशकश की है। उन्होंने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष को सदन को सुचारू रूप से चलने देना चाहिए। शाह ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार हमेशा चर्चा के लिए तत्पर है। जानें उनके बयान के प्रमुख बिंदु और संसद में चल रही स्थिति के बारे में।
 

नीट पेपर लीक और छात्रों के प्रदर्शन पर अमित शाह का बयान


नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष के द्वारा नीट पेपर लीक और जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज पर उठाए गए सवालों का जवाब दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। शाह ने विपक्ष से अनुरोध किया कि संसद को सुचारू रूप से चलने दें ताकि महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत हो सके।


अमित शाह ने कहा, "देखिए, इस प्रकार की भाषा भारत के सार्वजनिक और संसदीय जीवन में सुनाई देती है। जब से संसद सत्र शुरू हुआ है, मैं लगातार संसद में उपस्थित हूं, लेकिन विपक्ष सदन को चलने नहीं दे रहा है।"


#WATCH दिल्ली: गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "देखिए सबसे पहले लापता और भाग गए हैं इस प्रकार की भाषा भारत की सर्वाजनिक जीवन में, संसदीय जीवन में अभी अभी सुनाई देती है. जब से संसद सत्र शुरू हुआ है तबसे मैं लगातार संसद में आता हूं और अपने चैंबर में बैठा हूं चूंकि विपक्ष सदन को चलने… pic.twitter.com/JzjbmHMn6W

— News Media (@AHindinews) August 12, 2026


हर सवाल का जवाब देने को तैयार:


उन्होंने आगे कहा, "मैंने यह भी कहा है कि मैं किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हूं, लेकिन वे चर्चा नहीं होने देना चाहते हैं। आज 3 बजे तक वे स्पीकर को पत्र दें और कल 3 बजे तक हम सभी प्रकार की चर्चा के लिए तैयार हैं। मैं सदन में बैठूंगा और सभी को सुनूंगा और हर चीज का जवाब दूंगा। अब विपक्ष को तय करना है कि उन्हें चर्चा करनी है या हंगामा करना है।"


अमित शाह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तत्पर है। संसद में चर्चा के लिए नियम और प्रक्रिया निर्धारित हैं। गंभीर मुद्दों पर केवल एक बयान से काम नहीं चलता, बल्कि विस्तृत चर्चा की आवश्यकता होती है। सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है, और यदि आवश्यक हो, तो प्रश्न काल को स्थगित करने के लिए भी राजी है, बशर्ते स्पीकर अनुमति दें।