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अमिताभ ठाकुर ने जंतर-मंतर घटना की स्वतंत्र जांच की मांग की

नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुई घटनाओं के संदर्भ में, आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग की है। उन्होंने गृह सचिव को पत्र भेजकर इस घटना की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया है। ठाकुर का कहना है कि विभिन्न पक्षों द्वारा किए गए दावों के बीच, एक स्वतंत्र जांच ही सत्य को उजागर कर सकती है। इसके साथ ही, उन्होंने सभी सरकारों और राजनीतिक दलों के लिए एक राष्ट्रीय प्रोटोकॉल तैयार करने का अनुरोध किया है, जो शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के अधिकारों और कर्तव्यों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करे।
 

जंतर-मंतर पर हुई घटना पर उठी आवाज


लखनऊ। नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान हुई घटनाओं के संदर्भ में आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने गृह सचिव को पत्र भेजकर सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग की है।


उन्होंने कहा कि इस घटना के संबंध में प्रदर्शनकारियों और पुलिस दोनों की ओर से भिन्न-भिन्न दावे किए जा रहे हैं। ऐसे में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी जांच ही सत्य को उजागर कर सकती है और लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास बढ़ा सकती है।


आजाद अधिकार सेना सोनम वांगचुक व जंतर मंतर प्रकरण अपने संपूर्ण घटनाक्रम की रिटायर्ड हाई कोर्ट जज से न्यायिक जांच तथा प्रदर्शनों के संबंध में राष्ट्रीय प्रोटोकॉल बनाए जाने की मांग करती है @PMOIndia @HMOIndia @DelhiPolice #sonamWangchuk #DelhiPolice #जंतरमंतर#jantarmantar pic.twitter.com/dBp7EUKbsb

— Amitabhthakur (@amitabhthakur) July 18, 2026



अमिताभ ठाकुर ने पत्र में यह भी कहा है कि जांच पूरी होने तक सभी सीसीटीवी फुटेज, पुलिस वीडियो, बॉडी-कैमरा रिकॉर्डिंग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाना चाहिए। उन्होंने भारत सरकार से अनुरोध किया है कि देशभर में सभी सरकारों और राजनीतिक दलों पर समान रूप से लागू होने वाला "लोकतांत्रिक प्रदर्शनों हेतु राष्ट्रीय प्रोटोकॉल" तैयार किया जाए।


इस प्रोटोकॉल में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के अधिकार और कर्तव्य, पुलिस और अन्य कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकार, दायित्व और सीमाएं, बल प्रयोग और निरोध की स्पष्ट प्रक्रिया, महत्वपूर्ण पुलिस कार्रवाई की अनिवार्य ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग और पुलिस ज्यादती या अन्य अनियमितताओं के आरोपों की स्वतंत्र समीक्षा की व्यवस्था शामिल होनी चाहिए।