अमिताभ ठाकुर ने जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार की जांच की मांग की
जल जीवन मिशन पर उठे सवाल
लखनऊ। आज़ाद अधिकार सेना के अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने जल जीवन मिशन से जुड़े मामलों में स्वतंत्र उच्चस्तरीय प्रशासनिक जांच की आवश्यकता जताई है। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) को भेजे गए पत्रों ने राज्य सरकार के स्तर पर गंभीर जांच की आवश्यकता को उजागर किया है।
अमिताभ ठाकुर ने बताया कि 18 अगस्त 2026 को भेजे गए ईडी के पत्र में जल जीवन मिशन के सूचना, शिक्षा और जनसंपर्क कार्यों से संबंधित 13 संस्थाओं के दस्तावेजों की मांग की गई है। इसमें आरएफपी, कॉन्ट्रैक्ट, तकनीकी और वित्तीय निविदाएं, कार्य, भुगतान और बिल शामिल हैं।
जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार पर आज़ाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। उन्होंने स्वतंत्र उच्चस्तरीय प्रशासनिक जांच की मांग की है। इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) को ईडी के द्वारा भेजे गए नोटिस पर भी सवाल उठाया है। pic.twitter.com/muPOrHKgb2
— Pardaphash Today (@PardaphashToday) September 25, 2026
इसके अलावा, 27 अगस्त 2026 के पत्र में 15 अगस्त 2019 से अब तक टूटे या असुरक्षित पानी की टंकियों के संबंध में विस्तृत अभिलेख मांगे गए हैं। इसमें प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति, टेंडर, डीपीआर, ठेकेदार, गुणवत्ता जांच एजेंसी, सामग्री की जांच, बिल और संबंधित अधिकारियों की जानकारी शामिल है।
अमिताभ ठाकुर ने कहा कि ईडी द्वारा मांगे गए दस्तावेजों की प्रकृति से जल जीवन मिशन में कार्यों के आवंटन, निर्माण, गुणवत्ता जांच, भुगतान और संभावित वित्तीय नुकसान के बारे में गंभीर सवाल उठते हैं। उन्होंने मुख्य सचिव से ईडी की कार्रवाई के समानांतर राज्य सरकार द्वारा स्वतंत्र उच्चस्तरीय प्रशासनिक जांच की मांग की है।