अमृतपाल सिंह ने हाईकोर्ट से बजट सत्र में शामिल होने की अनुमति मांगी
अमृतपाल सिंह की याचिका पर सुनवाई
चंडीगढ़: असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद खडूर साहिब के सांसद और 'वारिस पंजाब दे' के नेता अमृतपाल सिंह ने एक बार फिर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने 28 जनवरी से शुरू होने वाले संसद के बजट सत्र में भाग लेने के लिए अदालत से अनुमति मांगी है। हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को स्वीकार कर लिया है और इस मामले पर कल, यानी 22 जनवरी को महत्वपूर्ण सुनवाई होगी। अमृतपाल सिंह ने अपनी याचिका में अपने संवैधानिक अधिकारों और क्षेत्र के विकास कार्यों का हवाला देते हुए संसद जाने की अनुमति मांगी है।
फंड के उपयोग और बाढ़ की समस्याओं का उल्लेख
अमृतपाल सिंह ने कोर्ट में दलील दी है कि एक निर्वाचित सांसद के रूप में उन्हें अपने क्षेत्र की समस्याओं को संसद में उठाना आवश्यक है। याचिका में कहा गया है कि जेल में रहने के कारण वह अपने एमपी लैंड फंड (MPLADS) का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनके हल्के के निवासियों को विकास कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, उन्होंने अपने क्षेत्र में आई गंभीर बाढ़ से हुए नुकसान और पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्र में बढ़ती नशे की समस्या को संसद में उठाने की आवश्यकता बताई है।
जेल से पत्र भेजा गया
इस याचिका के संबंध में जानकारी देते हुए अमृतपाल के वकील एडवोकेट इमान सिंह खारा ने बताया कि 17 जनवरी को अमृतपाल सिंह ने जेल से एक पत्र लिखा था। यह पत्र अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर, पंजाब के गृह सचिव, केंद्रीय गृहमंत्री और लोकसभा स्पीकर को भेजा गया है। पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया है कि एक जनप्रतिनिधि के रूप में बजट सत्र में उनकी उपस्थिति अनिवार्य है ताकि वे अपने संवैधानिक दायित्वों को पूरा कर सकें। जब प्रशासन की तरफ से कोई सकारात्मक उत्तर नहीं मिला, तो उन्हें कोर्ट का सहारा लेना पड़ा।
पिछली सुनवाई में देरी
एडवोकेट खारा ने बताया कि इससे पहले संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान भी ऐसी ही एक याचिका दायर की गई थी। उस समय वकीलों की हड़ताल के कारण सुनवाई में देरी हुई थी। जब तक केस की सुनवाई का नंबर आया, सत्र खत्म होने में केवल एक दिन शेष रह गया था। उस समय हाईकोर्ट ने उन्हें भविष्य में दोबारा याचिका दायर करने की अनुमति दी थी। उसी आदेश के आधार पर अब यह नई याचिका दायर की गई है, जिस पर कोर्ट कल अपना निर्णय स्पष्ट करेगा।