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अमृता फडणवीस ने पिंक ई-रिक्शा चलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने विश्व पर्यावरण दिवस पर मुंबई में एक कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने पिंक ई-रिक्शा चलाकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता प्रदान करना और प्रदूषण मुक्त परिवहन को बढ़ावा देना है। अमृता ने इस कार्यक्रम के दौरान सरकारी योजनाओं और एनजीओ के सहयोग की भी चर्चा की।
 

मुंबई में विश्व पर्यावरण दिवस पर अनोखी पहल

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुंबई में एक कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने खुद ऑटो रिक्शा चलाकर सभी को चौंका दिया और प्रेरित किया। यह कार्यक्रम भामला फाउंडेशन द्वारा आयोजित 'महिला नेतृत्व हरित गतिशीलता कार्यक्रम' के तहत 'पिंक ई-रिक्शा सहायता पहल' का भव्य उद्घाटन था।


अमृता फडणवीस का अनोखा अंदाज

इस विशेष अभियान के दौरान अमृता फडणवीस ने न केवल मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया, बल्कि उन्होंने स्वयं चालक की सीट संभाली और पर्यावरण के अनुकूल पिंक ई-रिक्शा चलाकर इस मुहिम को हरी झंडी दिखाई। उनके इस अनोखे अंदाज ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी का ध्यान आकर्षित किया और सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो गए।


पर्यावरण और आत्मनिर्भरता का संगम

एक तीर से दो निशाने: पर्यावरण और आत्मनिर्भरता

इस पहल पर अपनी खुशी व्यक्त करते हुए अमृता फडणवीस ने कहा कि इस कार्यक्रम में शामिल होकर उन्हें बहुत खुशी हुई, जहां जरूरतमंद महिलाओं को रिक्शे वितरित किए गए। यह कार्यक्रम भामला फाउंडेशन द्वारा आयोजित किया गया था। इसके दो प्रमुख लाभ हैं: पहला, पर्यावरण के अनुकूल ई-रिक्शा, जिससे कार्बन उत्सर्जन शून्य होता है और दूसरा, यह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करता है।


सरकारी योजना और एनजीओ का सहयोग

सरकारी योजना और एनजीओ (NGO) का मिला साथ

योजना के आर्थिक पहलुओं पर चर्चा करते हुए अमृता फडणवीस ने बताया कि यह एक मौजूदा सरकारी योजना है, जिसके तहत सरकार जरूरतमंद महिलाओं के लिए बैंकों के माध्यम से 70% लोन की सुविधा प्रदान करती है। सरकार 20 प्रतिशत का योगदान करती है और महिलाओं को 10 प्रतिशत का योगदान करना होता है। हालांकि, कई महिलाएं 10% हिस्सा भी चुकाने में असमर्थ होती हैं, जो लगभग 30,000 से 35,000 रुपये होता है। इसलिए, यह सराहनीय है कि गैर-सरकारी संगठनों ने इस कमी को पूरा करने का बीड़ा उठाया है।


ग्रीन मोबिलिटी से मुंबई का भविष्य

ग्रीन मोबिलिटी से बदलेगी मुंबई की सूरत

यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और हरित ऊर्जा के जरिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। इस कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के सशक्तिकरण और प्रदूषण मुक्त यातायात पर विशेष जोर दिया गया।

अमृता फडणवीस ने इस मौके पर पिंक ई-रिक्शा पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने के साथ-साथ मुंबई को स्वच्छ और हरा-भरा रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। भामला फाउंडेशन के इस ग्रीन मोबिलिटी प्रोग्राम की शुरुआत से आने वाले दिनों में मुंबई की सड़कों पर महिला चालकों द्वारा संचालित पर्यावरण अनुकूल पिंक ई-रिक्शा की संख्या में वृद्धि देखने को मिलेगी।