अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता संघर्ष: हूती विद्रोहियों का नया मोर्चा
संघर्ष की तीव्रता में वृद्धि
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष: पिछले एक महीने से अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रही लड़ाई ने एक नया मोड़ ले लिया है। यह संघर्ष अब एक व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप धारण कर रहा है। मध्य पूर्व में पिछले 29 दिनों से लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों की गतिविधियाँ देखी जा रही हैं। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने भी दक्षिणी इजरायल पर मिसाइल हमले के साथ इस संघर्ष में औपचारिक रूप से कदम रखा है। रिपोर्टों के अनुसार, हूती संगठन ने इजरायल पर किए गए हमले की जिम्मेदारी ली है। संगठन के सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने अल-मसीरा चैनल पर इसकी पुष्टि की। हालांकि, इजरायली सेना का कहना है कि उसने इस मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया।
हूती विद्रोहियों के इस कदम ने पश्चिम एशिया में तनाव को और बढ़ा दिया है। विशेष रूप से, वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य और बाब अल-मंदेब मार्ग पर खतरा उत्पन्न हो गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा बाजार पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। इसके साथ ही, यह संघर्ष अब तीन मोर्चों पर फैल चुका है: ईरान, लेबनान-इजरायल फ्रंट और अब यमन से एक नया मोर्चा खुल गया है।
यह ध्यान देने योग्य है कि हूती विद्रोही यमन के शिया मुस्लिम जैदियों का एक सशस्त्र राजनीतिक समूह है। यह समूह भी हिजबुल्लाह और हमास की तरह ईरान का समर्थन प्राप्त करता है। हूती विद्रोहियों की स्थापना 1990 में बदरद्दीन अल हूती द्वारा की गई थी, और इसने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ मोर्चा खोला था।