अमेरिका-इजरायल के हमले से ईरान में बढ़ा तनाव, ट्रंप ने दी प्रतिक्रिया
मध्य पूर्व में तनाव की नई लहर
वॉशिंगटन - अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के कारण ईरान में स्थिति गंभीर हो गई है। इन हमलों ने मध्य पूर्व के कई क्षेत्रों में तनाव को बढ़ा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जानकारी दी कि अमेरिकी बलों ने ईरान के नौ नेवी जहाजों को नष्ट कर दिया है और महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों पर भी हमले किए हैं, जिससे तेहरान के साथ टकराव और बढ़ गया है।
ईरान के हमले में अमेरिकी सैनिकों की मौत
रविवार को ईरान के हमले में तीन अमेरिकी सैनिकों की जान चली गई, जबकि पांच अन्य घायल हुए। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका तब तक हमले जारी रखेगा जब तक इन मौतों का प्रतिशोध नहीं लिया जाता।
ट्रंप का सोशल मीडिया पर बयान
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रूथ' पर साझा किया कि अमेरिका ने नौ ईरानी नेवी जहाजों को नष्ट कर दिया है, जिनमें से कुछ महत्वपूर्ण थे। उन्होंने कहा, 'हम बाकी जहाजों का भी पीछा कर रहे हैं, वे जल्द ही समुद्र की गहराइयों में होंगे।' इसके साथ ही, उन्होंने ईरान के नेवल हेडक्वार्टर पर भी हमले की जानकारी दी।
इजरायल का बयान
इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने अपने आधिकारिक 'एक्स' अकाउंट पर पोस्ट करते हुए कहा कि ईरान के आतंकवादी समूहों के सभी प्रमुख नेताओं का खात्मा कर दिया गया है।
सेंटकॉम की पुष्टि
यूनाइटेड स्टेट सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने रातभर के हवाई अभियानों की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि अमेरिकी बी-2 स्टील्थ बमवर्षकों ने ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल सुविधाओं पर हमले किए। सेंटकॉम ने यह भी कहा कि 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के तहत ईरान की जमरान-श्रेणी की एक कॉर्वेट पर हमला किया गया।
ईरान पर आरोप
सेंटकॉम ने ईरान पर आरोप लगाया कि वह नागरिकों को निशाना बना रहा है और उसने कई स्थानों पर हमले किए हैं, जिनमें दुबई और कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे शामिल हैं।