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अमेरिका-ईरान तनाव: गुटेरेस ने शांति वार्ता की अपील की

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने दोनों देशों से शांति वार्ता शुरू करने की अपील की है, यह चेतावनी देते हुए कि स्थिति के बिगड़ने से वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय शांति पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को वाणिज्यिक जहाजों के लिए खुला बताया, जबकि ईरान ने अमेरिकी हमलों की निंदा की है।
 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव की चेतावनी


संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दोनों देशों को शांति समझौते पर अमल करने की नसीहत दी


न्यूयॉर्क में, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि हाल की घटनाएं न केवल क्षेत्र बल्कि पूरी दुनिया के लिए गंभीर परिणाम ला सकती हैं।


गुटेरेस ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह खाड़ी क्षेत्र में तनाव और ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य टकराव को लेकर चिंतित हैं। इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के हमले और अमेरिका के जवाबी हमले शामिल हैं। उन्होंने सभी प्रकार के हमलों को तुरंत रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया।


वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

गुटेरेस ने चेतावनी दी कि यदि स्थिति युद्ध की ओर बढ़ती है, तो इसका प्रभाव क्षेत्र के लोगों, अंतरराष्ट्रीय शांति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर विनाशकारी होगा। उन्होंने अमेरिका और ईरान से तत्काल बातचीत शुरू करने और सभी लंबित मुद्दों का कूटनीतिक समाधान निकालने की अपील की।


ट्रंप का बयान

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य वाणिज्यिक जहाजों के लिए खुला है। उन्होंने ईरान के दावों को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के बावजूद इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से जहाजों की आवाजाही जारी है।


ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ईरान के साथ हालिया कूटनीतिक प्रयास विफल हो चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ईरानी प्रतिनिधियों ने कई महत्वपूर्ण रियायतों पर सहमति जताई थी।


ईरान का प्रतिवाद

ईरान के विदेश मंत्रालय ने हाल में हुए अमेरिकी हमलों की निंदा करते हुए उन्हें संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताया है। मंत्रालय ने चेतावनी दी कि यदि कोई देश अपनी जमीन या सैन्य सुविधाओं का उपयोग ईरान के खिलाफ हमलों के लिए करता है, तो ईरानी सशस्त्र बल इसे आत्मरक्षा के तहत वैध सैन्य लक्ष्य मान सकते हैं।