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अमेरिका-ईरान तनाव: मिडटर्म चुनाव से पहले हमले की स्थिति

मिडटर्म चुनाव से पहले अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के केशम द्वीप पर हमले किए हैं, जिससे दोनों देशों के बीच एक नई स्थिति उत्पन्न हो गई है। ईरान ने अमेरिका के जासूसी ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है। जानें इस तनाव के पीछे की वजहें और इसके संभावित परिणाम क्या हो सकते हैं।
 

मिडटर्म चुनाव से पहले अमेरिका-ईरान के बीच तनाव

अमेरिका-ईरान तनाव: अमेरिका में मंगलवार को मिडटर्म चुनाव के लिए मतदान से पहले मध्य पूर्व में तनाव फिर से बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के केशम द्वीप पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव का एक नया दौर शुरू होने की संभावना है।

रिपोर्टों के अनुसार, सोमवार को केशम द्वीप पर कम से कम पांच शक्तिशाली धमाके हुए। इसके अलावा, बंदर लेंगेह शहर में भी एक धमाका सुना गया। अमेरिकी समाचार पत्र ने अधिकारियों के हवाले से बताया है कि यह हमला अमेरिका द्वारा किया गया है। हालांकि, ईरानी मीडिया ने इन हमलों के पीछे अमेरिका या इजराइल की संलिप्तता की पुष्टि नहीं की है।

इस बीच, ईरान ने अमेरिका के दो MQM-170 जासूसी ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है। केशम द्वीप, जो लगभग 1,445 वर्ग किलोमीटर में फैला है, ईरान का सबसे बड़ा द्वीप है और यह एक महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाना है। यह पहले एक फ्री-ट्रेड जोन और पर्यटन स्थल के रूप में जाना जाता था। होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण के लिए यह ईरान के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है।

एपी के अनुसार, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप पर ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई करने का दबाव बना रहे हैं। वह अमेरिका में मंगलवार को होने वाले मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान पर हवाई हमलों की नई कार्रवाई शुरू करने के पक्ष में हैं। यदि ऐसा होता है, तो युद्ध की स्थिति फिर से उत्पन्न हो सकती है।