अमेरिका-ईरान युद्ध: ट्रंप ने युद्ध समाप्त करने की इच्छा जताई
ट्रंप का बयान: युद्ध खत्म करने को तैयार
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष का आज 32वां दिन है। जहां एक ओर अमेरिका और इजराइल के हमलों ने ईरान को भारी नुकसान पहुँचाया है, वहीं ईरान ने भी अपने हमलों को तेज कर दिया है। ईरान अब इजरायल की रक्षा प्रणाली को चुनौती दे रहा है और अमेरिका के खाड़ी देशों में स्थित सैन्य ठिकानों पर भी हमले कर रहा है।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वे ईरान के साथ चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए तैयार हैं, भले ही होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह से खुल न सके। वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप और उनके सलाहकारों ने हाल ही में अपनी रणनीति पर पुनर्विचार किया है। प्रशासन का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट को जबरन खुलवाने की कोशिश युद्ध को लंबा खींच सकती है। इसलिए, अब बिना इसे पूरी तरह खुलवाए भी युद्ध समाप्त करने का विकल्प देखा जा रहा है।
अमेरिका की नई रणनीति
अमेरिका की योजना ईरान की नौसेना और मिसाइल क्षमताओं को कमजोर करने के लिए सैन्य लक्ष्यों को प्राप्त करने की है। इसके बाद, कूटनीतिक दबाव के माध्यम से ईरान को व्यापार बहाल करने के लिए मजबूर किया जाएगा। इस रणनीति के तहत अमेरिका यूरोप और खाड़ी देशों को शामिल कर ईरान पर दबाव बनाने की तैयारी कर रहा है।
ईरान का इजरायली रिफाइनरी पर हमला
लेबनान के ईरान समर्थक संगठन हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसने इजरायल के उत्तरी शहर हाइफा में स्थित एक तेल रिफाइनरी पर ईरानी मिसाइल से हमला किया। इस हमले के बाद रिफाइनरी परिसर में एक पेट्रोल टैंक में आग लग गई, जिससे इलाके में धुआं फैल गया। यह स्पष्ट नहीं है कि आग मिसाइल हमले से लगी या इंटरसेप्ट किए गए मलबे के कारण। एहतियात के तौर पर स्थानीय प्रशासन ने निवासियों को घरों की खिड़कियां बंद रखने और बाहर न निकलने की सलाह दी।
फारस की खाड़ी में फंसे भारतीय जहाज
ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच, फारस की खाड़ी में भारत के 18 जहाज और 485 भारतीय क्रू फंसे हुए हैं। जलमार्ग मंत्रालय ने बताया कि सभी जहाज सुरक्षित हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सऊदी अरब से कहा है कि वह अपने देश से अमेरिकी सेना को बाहर निकाले। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के हमले केवल उसके दुश्मनों को निशाना बनाते हैं। अराघची ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान सऊदी अरब का सम्मान करता है और उसे एक भाई देश मानता है।