अमेरिका-ईरान युद्ध: संघर्ष में बढ़ती चुनौतियाँ और ट्रंप की नीतियों पर सवाल
संघर्ष का 24वां दिन: अमेरिका की स्थिति कमजोर
संघर्ष की बढ़ती जटिलताएँ
28 फरवरी को इजरायल के सहयोग से शुरू हुए हमले के बाद अमेरिका ने ईरान के कई शीर्ष नेताओं को निशाना बनाया था। शुरुआत में अमेरिका को लगा कि यह युद्ध जल्दी समाप्त हो जाएगा, लेकिन अब यह 24 दिन से जारी है। ईरान ने पहले से अधिक आक्रामकता के साथ जवाब दिया है, जिससे अमेरिका की सैन्य स्थिति कमजोर हो रही है और आर्थिक नुकसान भी हो रहा है।
इस स्थिति ने राष्ट्रपति ट्रंप को आलोचना का सामना करने पर मजबूर कर दिया है।
पूर्व खुफिया प्रमुख की चेतावनी
अमेरिका के पूर्व खुफिया प्रमुख लियोन पेनेटा ने ट्रंप की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह संकट उनकी गलतियों का परिणाम है। उन्होंने बताया कि ईरान के साथ संघर्ष का जोखिम पहले से ही ज्ञात था, लेकिन इसे नजरअंदाज किया गया।
पेनेटा ने यह भी कहा कि अमेरिका ने ईरान की प्रतिक्रिया को कम आंका और यह मान लिया कि युद्ध जल्दी समाप्त होगा। अब स्थिति यह है कि ईरान की शक्ति और बढ़ गई है, जिससे हालात और जटिल हो सकते हैं।
ईरान की स्थिति में मजबूती
पूर्व सीआईए प्रमुख ने कहा कि अमेरिका की प्रारंभिक सैन्य कार्रवाई ने ईरान को कमजोर नहीं किया, बल्कि वहां की सत्ता को और मजबूत किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान का नेतृत्व अब और अधिक कठोर रुख अपनाने की संभावना है, जिससे स्थिति और भी जटिल हो सकती है।