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अमेरिका-ईरान संघर्ष के थमने से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष ने दो सप्ताह के लिए विराम लिया है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने सीजफायर की घोषणा की है, जिसके बाद वैश्विक बाजार में राहत की लहर दौड़ गई है। जानें इस स्थिति का अमेरिकी शेयर बाजार और अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर क्या प्रभाव पड़ा है।
 

अमेरिकी शेयर बाजार में तेजी, सीजफायर की घोषणा


वॉशिंगटन : अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी से चल रहे संघर्ष ने आखिरकार दो सप्ताह के लिए विराम लिया है। दोनों देशों ने सीजफायर की घोषणा की है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया कि उन्हें पाकिस्तान के माध्यम से ईरान का 10 बिंदू का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है, जिसके बाद सीजफायर का निर्णय लिया गया। ईरान ने भी होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खोलने की पुष्टि की है। इस घोषणा के बाद वैश्विक स्तर पर राहत की लहर दौड़ गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है और अमेरिकी शेयर बाजार में तेजी आई है।


कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट


इस निर्णय का तात्कालिक प्रभाव वैश्विक बाजारों पर पड़ा है। अमेरिकी कच्चे तेल की कीमत लगभग 18% गिरकर 92.60 डॉलर प्रति बैरल हो गई है, जबकि ब्रेंट क्रूड की कीमत 6% गिरकर 103.40 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। हालांकि, ये मूल्य अभी भी युद्ध शुरू होने से पहले के स्तर से अधिक हैं।


अमेरिकी शेयर बाजार में तेजी


अमेरिकी शेयर बाजार में भी तेजी का माहौल है। एसएंडपी 500 के फ्यूचर्स लगभग 2.4% ऊपर चले गए हैं, जिससे निवेशकों का विश्वास बढ़ा है। बाजार को उम्मीद है कि तनाव कम होने पर आर्थिक स्थिति भी स्थिर हो सकती है।


ट्रंप ने सीजफायर की घोषणा की


राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है कि ईरान पर संभावित हमलों को फिलहाल दो हफ्तों के लिए रोक दिया गया है। ट्रंप ने बताया कि यह एक 'दोनों तरफ से लागू होने वाला सीजफायर' होगा, जिसमें न अमेरिका हमला करेगा और न ही ईरान कोई आक्रामक कदम उठाएगा। हालांकि, इस समझौते के लिए एक महत्वपूर्ण शर्त है कि ईरान को तुरंत, पूरी तरह और सुरक्षित तरीके से होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना होगा।