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अमेरिका और ईरान के बीच तनाव: माइक वाल्ट्ज का बयान

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने सभी विकल्प खुले रखे हैं। ईरान ने इन आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि वे टकराव नहीं चाहते। रूस और अन्य देशों ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है। जानें इस जटिल मुद्दे के बारे में और क्या हो रहा है।
 

अमेरिका नरसंहार रोकने के लिए उठाएगा कदम


नई दिल्ली: अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्पष्ट किया है कि ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर हो रहे दमन को रोकने के लिए सभी विकल्प खुले हैं। उन्होंने ईरान के नागरिकों की बहादुरी की सराहना की और कहा कि ईरान के लोग आजादी की मांग कर रहे हैं। वाल्ट्ज ने कहा कि ट्रम्प एक्शन लेने वाले नेता हैं, जो बातें नहीं करते।


ईरान का टकराव से इनकार

वाल्ट्ज ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में यह बातें कहीं। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान के नेतृत्व को यह समझना चाहिए कि अमेरिका नरसंहार को रोकने के लिए किसी भी कदम को उठाने के लिए तैयार है। इस बैठक में ईरान के उप-राजदूत ने कहा कि उनका देश टकराव नहीं चाहता, लेकिन अगर अमेरिका ने आक्रामक कदम उठाए, तो ईरान जवाब देगा।


ईरान ने अमेरिकी आरोपों को खारिज किया

ईरान ने अमेरिका के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के उप राजदूत गुलाम हुसैन दर्जी ने कहा कि अमेरिका गलत जानकारी फैला रहा है और जानबूझकर अशांति को बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान न तो तनाव बढ़ाना चाहता है और न ही टकराव।


अमेरिका की मानवाधिकारों के नाम पर कार्रवाई

ईरानी राजदूत ने आरोप लगाया कि अमेरिका मानवाधिकारों के नाम पर शासन परिवर्तन और हमले की योजना बना रहा है। उन्होंने अमेरिका में मानवाधिकार उल्लंघनों का भी उल्लेख किया।


रूस की अपील

रूस ने भी अमेरिका की आलोचना की। संयुक्त राष्ट्र में रूसी राजदूत ने कहा कि अमेरिका इस बैठक का उपयोग ईरान के आंतरिक मामलों में दखल देने के लिए कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि सैन्य कार्रवाई से स्थिति और बिगड़ सकती है।


फ्रांस और ब्रिटेन की प्रतिक्रिया

फ्रांस और ब्रिटेन ने ईरान की कार्रवाई को क्रूर बताया। फ्रांस के राजदूत ने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर हो रहे दमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा होनी चाहिए।


नए प्रतिबंधों की घोषणा

बैठक के दौरान अमेरिका ने ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की। ट्रम्प प्रशासन ने 18 ईरानी व्यक्तियों और संस्थाओं पर नए प्रतिबंध लगाए हैं।