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अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु तनाव: ट्रंप की चेतावनी

अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के संवर्धित यूरेनियम पर स्पेस फोर्स की निगरानी की पुष्टि की है और चेतावनी दी है कि किसी भी प्रयास पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ईरान ने अमेरिका के नए प्रस्ताव पर जवाब दिया है, जिसमें संघर्ष समाप्त करने की मांग की गई है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और क्या हो सकता है आगे।
 

अमेरिका की स्पेस फोर्स की निगरानी

वाशिंगटन में, अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि ईरान के संवर्धित यूरेनियम की निगरानी अब अमेरिकी स्पेस फोर्स कर रही है। ट्रंप ने कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति वहां पहुंचने की कोशिश करेगा, तो उसे तुरंत 'उड़ा' दिया जाएगा।


ट्रंप का बयान

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका लगातार ईरान के संवर्धित यूरेनियम पर नजर रखे हुए है। उन्होंने एक इंटरव्यू में स्वतंत्र पत्रकार शेरिल एटकिंसन को बताया, "अगर कोई भी ईरान के संवर्धित यूरेनियम के पास पहुंचने की कोशिश करेगा, तो अमेरिका को तुरंत इसकी जानकारी मिलेगी और उसे 'उड़ा दिया जाएगा।'"


ईरान के सैन्य ठिकानों पर ट्रंप का दावा

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका केवल दो हफ्तों में ईरान के सभी सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकता था। उनके अनुसार, ईरान अब सैन्य रूप से काफी कमजोर हो चुका है। उन्होंने कहा, "हमने जिन ठिकानों को निशाना बनाना चाहा था, उनमें से लगभग 70 प्रतिशत पर हमले कर चुके हैं।"


ईरान का नया प्रस्ताव

इस बीच, ईरान ने अमेरिका की ओर से दिए गए नए प्रस्ताव पर अपना जवाब पाकिस्तान के माध्यम से भेजा है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएन के अनुसार, बातचीत का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में चल रहे संघर्ष को समाप्त करना है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान को यह स्पष्ट करना होगा कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाना चाहता।


संघर्ष रोकने की मांग

ईरान के नए मसौदे में सभी मोर्चों पर तुरंत संघर्ष रोकने की मांग की गई है। इसके साथ ही, ईरान ने अमेरिका से प्रतिबंध हटाने और समुद्री नाकेबंदी समाप्त करने की भी मांग की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रस्ताव में ईरान पर दोबारा हमला न होने की गारंटी और राजनीतिक समझौते के तहत कई अन्य मुद्दों को शामिल किया गया है।


हालिया हमले और प्रतिक्रिया

28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर तेहरान समेत ईरान के कई शहरों पर हमले किए थे, जिसमें कई वरिष्ठ अधिकारी और नागरिक मारे गए थे। इसके जवाब में, ईरान ने इजरायल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।