अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव: ट्रंप का स्पष्टीकरण
अमेरिका-ईरान तनाव की नई परतें
अमेरिका-ईरान तनाव: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर से बढ़ गया है, जिससे युद्ध की संभावना भी जताई जा रही है। इस स्थिति को देखते हुए भारत सहित कई देशों ने अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी है। इसी बीच, ईरान पर हमले को लेकर अमेरिकी सेना और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मतभेदों की खबरें सामने आई हैं, जिस पर ट्रंप को स्पष्टीकरण देना पड़ा है।
अमेरिकी मीडिया में आई रिपोर्ट्स के अनुसार, जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने ईरान पर हमले से जुड़े संभावित खतरों के बारे में चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि इससे एक लंबा संघर्ष हो सकता है। इस पर सवाल उठने लगे कि क्या ईरान पर हमला करना चाहिए या नहीं, जिससे ट्रंप और अमेरिकी सेना के उच्च अधिकारियों के बीच मतभेद उत्पन्न हुए। ट्रंप ने 23 फरवरी को इन खबरों को गलत बताया।
राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "फेक न्यूज़ मीडिया में कई कहानियाँ चल रही हैं जिनमें कहा जा रहा है कि जनरल डेनियल केन, जिन्हें कभी-कभी रज़ीन भी कहा जाता है, ईरान के साथ हमारे युद्ध के खिलाफ हैं। यह कहानी पूरी तरह से गलत है। जनरल केन, हम सब की तरह, युद्ध नहीं देखना चाहेंगे, लेकिन अगर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का निर्णय लिया जाता है, तो उनकी राय है कि यह आसानी से जीता जा सकता है।"
ट्रंप ने आगे कहा, "रज़ीन केन एक महान फाइटर हैं, और दुनिया की सबसे ताकतवर सेना का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने ईरान पर हमला न करने की बात नहीं की है, और न ही उन सीमित हमलों के बारे में जो मैं पढ़ रहा हूँ। वह बस जीतने के तरीके जानते हैं और अगर उन्हें ऐसा करने के लिए कहा गया, तो वह नेतृत्व करेंगे। ईरान के साथ संभावित युद्ध के बारे में जो कुछ भी लिखा गया है, वह सब गलत है। मैं ही निर्णय लेता हूँ, मैं बातचीत करना पसंद करूँगा, लेकिन अगर हम ऐसा नहीं करते हैं, तो यह उस देश और उसके लोगों के लिए बहुत बुरा दिन होगा।"