×

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव: ट्रंप का सैन्य कार्रवाई पर बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की जानकारी दी है, जिसमें उन्होंने हमलों को सीमित और सुनियोजित बताया है। ईरान ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि वह समझौते का उल्लंघन कर रहा है। इस बीच, ईरान ने अमेरिकी नौसैनिक अड्डे पर हमले का दावा किया है। जानें इस संघर्ष के पीछे की वजहें और दोनों देशों की प्रतिक्रियाएं।
 

अमेरिकी राष्ट्रपति का ईरान पर सैन्य कार्रवाई का खुलासा


अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के खिलाफ चल रही सैन्य कार्रवाई की जानकारी अमेरिकी कांग्रेस को दी है। वॉशिंगटन से मिली जानकारी के अनुसार, अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले जारी हैं, जिससे ईरान को भारी नुकसान हो रहा है। इसके साथ ही, ईरान भी अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई कर रहा है। हाल ही में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कांग्रेस को सूचित किया कि 7 जुलाई से ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान फिर से शुरू हो गया है।


ट्रंप ने सीनेट के कार्यवाहक अध्यक्ष चक ग्रासली को भेजे पत्र में कहा कि ये हमले सीमित और सुनियोजित हैं, जिनका उद्देश्य नागरिकों को न्यूनतम नुकसान पहुंचाना है।


ईरान के समझौते का उल्लंघन

ट्रंप ने पत्र में ईरान पर आरोप लगाया कि उसने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों पर हमले कर समझौते का उल्लंघन किया, जिसके बाद अमेरिका ने जवाबी सैन्य कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना जरूरत पड़ने पर आगे भी हमले जारी रखेगी। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी फिर से लागू करने का ऐलान किया है, जबकि अन्य देशों के जहाजों को हॉर्मुज से गुजरने की अनुमति होगी।


ईरान ने अमेरिकी हस्तक्षेप को खारिज करते हुए चेतावनी दी है कि उसकी अनुमति के बिना हॉर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी अमेरिका नहीं ले सकता।


ईरान का अमेरिकी नौसैनिक अड्डे पर हमला

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया है कि उसने बहरीन स्थित अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है। आईआरजीसी के अनुसार, इस हमले में नौसैनिक अड्डे के ईंधन डिपो में आग लग गई।


इसके अलावा, अमेरिकी पैट्रियट एयर डिफेंस रडार और अन्य महत्वपूर्ण सिस्टम को भी निशाना बनाकर नष्ट करने का दावा किया गया है। आईआरजीसी ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी हमलों के जवाब में की गई है और 'प्रतिशोधी अभियान अभी जारी है।' हालांकि, अमेरिकी सेना या बहरीन की ओर से इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।