अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम: दोनों पक्षों की जीत या हार?
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम की घोषणा
अमेरिका और ईरान दोनों ही बता रहे अपनी-अपनी जीत, दोनों ही पक्षों को हुआ भारी नुकसा, पूरी दुनिया ने ली राहत की सांस
US-Iran Ceasefire: नई दिल्ली : लगभग 40 दिनों की तीव्र लड़ाई और एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप के बाद, बुधवार की सुबह (भारतीय समयानुसार) एक महत्वपूर्ण समाचार सामने आया। अमेरिका और ईरान ने युद्ध विराम पर सहमति जताई है। यह युद्ध विराम दो सप्ताह के लिए है, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि इसे आगे बढ़ाया जाएगा।
अब दोनों देश बातचीत के लिए तैयार हैं। पहले दौर की वार्ता इस्लामाबाद में होगी। हालांकि, दोनों पक्ष इसे अपनी-अपनी जीत के रूप में पेश कर रहे हैं। जहां ट्रंप ने इसे अपनी जीत बताया, वहीं ईरानी विदेश मंत्री ने इसे अपनी जीत मानते हुए नागरिकों को जश्न मनाने का आह्वान किया। लेकिन यह युद्ध दोनों देशों और पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ है।
ट्रंप का बयान युद्ध विराम पर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर दो हफ्तों के लिए हमले रोकने की घोषणा की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि ईरान की तरफ से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को तुरंत खोलने की शर्त पर बमबारी और हमले दो हफ्ते के लिए स्थगित करने के लिए सहमति दी गई है। ट्रंप ने यह निर्णय पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर की अपील के बाद लिया। उन्होंने कहा कि हमें ईरान से 10 पॉइंट का प्रस्ताव मिला है और दोनों देशों के बीच सभी विवादित मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अगले दो हफ्ते इस समझौते को अंतिम रूप देने के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
ईरान का बयान युद्ध विराम पर
ईरान ने भी युद्ध विराम की पुष्टि की है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने बताया कि आगे की बातचीत पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होगी। ईरान ने दो हफ्तों के लिए होर्मुज को खोलने की जानकारी दी और अपने नागरिकों से कहा कि इस दौरान राष्ट्रीय एकता बनाए रखें और जीत का जश्न मनाएं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अगले 2 हफ्तों तक होर्मुज से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही होगी।
उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था ईरानी सशस्त्र बलों के साथ समन्वय के जरिए लागू होगी और तकनीकी सीमाओं का भी ध्यान रखा जाएगा। अराघची ने यह भी कहा कि अगर ईरान पर हमले बंद होते हैं, तो उसकी सेना भी अपनी रक्षात्मक कार्रवाई रोक देगी।