अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के बावजूद बढ़ते तनाव
युद्धविराम के बावजूद हमले जारी
नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों का युद्धविराम लागू है, लेकिन दोनों देशों के बीच हमले जारी हैं। दोनों ने एक-दूसरे पर युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगाया है। शुक्रवार को अमेरिका ने ईरान पर लगभग एक घंटे तक हमले किए, जिसमें ईरान के मिसाइल और ड्रोन ठिकानों के साथ-साथ तटीय रडार केंद्रों को निशाना बनाया गया। इसके जवाब में, ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया।
ईरान के ठिकानों पर हमले के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने सीजफायर का उल्लंघन किया, इसलिए यह जवाबी कार्रवाई की गई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि 25 जून को ईरान ने होर्मुज की खाड़ी में सिंगापुर के कार्गो जहाज 'एमवी एवर लवली' पर ड्रोन हमला किया था। दूसरी ओर, ईरानी मीडिया ने बताया कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने अमेरिकी हमले के जवाब में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
ईरान की संसद के सदस्य इब्राहिम अजीजी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अमेरिका ने बातचीत के दौरान ईरान पर फिर से हमला किया है। उन्होंने कहा कि युद्धविराम का यह उल्लंघन अमेरिका के लिए पछतावे का कारण बनेगा।
इस बीच, ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने शनिवार को बताया कि होर्मुज की खाड़ी में एक तेल टैंकर पर हमला हुआ है। जहाज के कप्तान के अनुसार, टैंकर को एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल ने निशाना बनाया, जिससे जहाज के कंट्रोल रूम को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं और किसी प्रकार के तेल रिसाव की सूचना नहीं है। दो दिन पहले ही अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर हमले किए थे। बहरीन ने भी आरोप लगाया है कि ईरान ने उसके क्षेत्र में कई ड्रोन हमले किए हैं, जिसे उसने अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है।