×

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता: युद्धविराम और प्रतिबंधों में ढील

अमेरिका और ईरान के बीच एक महत्वपूर्ण शांति समझौता हुआ है, जिसमें युद्धविराम और कुछ प्रतिबंधों में ढील शामिल है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। समझौते में 14 शर्तें हैं, जिनमें से कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं में ईरान के यूरेनियम को कम करने और होर्मुज जलडमरूमध्य से बिना शुल्क गुजरने की व्यवस्था शामिल है। जानें इस समझौते के पीछे की कहानी और इसके संभावित प्रभाव।
 

अमेरिका-ईरान शांति समझौते की घोषणा

अमेरिका-ईरान शांति समझौता: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्ति पर आधिकारिक सहमति बन गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने शांति समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, जो तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है। यह समझौता फ्रांस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित किया गया, जबकि पेजेशकियान ने इसे इलेक्ट्रॉनिक रूप से स्वीकार किया। इस समझौते में 14 शर्तें शामिल हैं, जिन पर दोनों देशों ने सहमति जताई है। ट्रंप ने वर्साय के महल में इस समझौते पर दस्तखत किए।


1. युद्धविराम और सैन्य कार्रवाई की समाप्ति
संयुक्त राज्य अमेरिका, इस्लामी गणराज्य ईरान और उनके सहयोगियों ने इस समझौते पर हस्ताक्षर करते हुए लेबनान सहित सभी मोर्चों पर तत्काल और स्थायी युद्धविराम लागू करने पर सहमति जताई है। दोनों पक्ष भविष्य में एक-दूसरे के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई, बल प्रयोग या धमकी से बचने का वचन देते हैं और लेबनान की संप्रभुता का सम्मान करेंगे।


अमेरिका-ईरान समझौते की शर्तें
अधिकारियों के अनुसार, अमेरिकी ड्राफ्ट में कुछ महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं, जैसे कि ईरान के उच्च समृद्ध यूरेनियम को कम करने के लिए एक नया 'न्यूनतम' मानक।


60 दिनों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य से बिना किसी शुल्क के गुजरने की व्यवस्था की गई है। हालांकि, भविष्य में शुल्क वसूलने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।


डील में लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ हालिया हमलों के बाद उसकी क्षेत्रीय अखंडता सुनिश्चित करने के प्रावधान भी शामिल हैं।


इसके बदले में अमेरिका कुछ बड़े प्रतिबंधों को हटाने की दिशा में कदम उठाएगा, लेकिन उन्हें पूरी तरह समाप्त नहीं करेगा।


अंतिम समझौते के लिए वार्ता
दोनों पक्ष इस समझौते के हस्ताक्षर के बाद अधिकतम 60 दिनों के भीतर, आवश्यकता पड़ने पर आपसी सहमति से अवधि बढ़ाते हुए, एक व्यापक और स्थायी शांति समझौते पर बातचीत पूरी करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।