अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की संभावना बढ़ी
ईरान ने यूरेनियम भंडार सौंपने की दी सहमति
US-Iran Peace Agreement (वॉशिंगटन): अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के स्थायी समाधान की उम्मीदें अब बढ़ गई हैं। दोनों देशों ने 7 अप्रैल से अस्थायी युद्धविराम की घोषणा की थी और अब अमेरिकी राष्ट्रपति का एक महत्वपूर्ण बयान सामने आया है। पहले दौर की वार्ता में असफलता के बाद, ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान शांति समझौते के करीब पहुंच चुके हैं।
उन्होंने बताया कि ईरान अपने एनरिच्ड यूरेनियम का भंडार अमेरिका को सौंपने के लिए तैयार है, जिसे अमेरिका संभावित परमाणु हथियार बनाने के लिए खतरा मानता है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि बातचीत सफलतापूर्वक चल रही है और समझौते की संभावना काफी अधिक है।
तेल आपूर्ति में सुधार की उम्मीद
ट्रंप ने कहा कि यदि यह समझौता हो जाता है, तो तेल की आपूर्ति सामान्य हो जाएगी, होर्मुज स्ट्रेट खुला रहेगा और स्थिति सामान्य हो जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर समझौता इस्लामाबाद में होता है, तो वे पाकिस्तान की यात्रा करने पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, ईरानी मीडिया ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए कहा है कि वह केवल हवा में बातें कर रहे हैं।
इजरायल और लेबनान के बीच युद्धविराम
इस बीच, इजरायल और लेबनान ने 10 दिन के युद्धविराम पर सहमति जताई है। यह युद्धविराम भारतीय समयानुसार गुरुवार रात 3:30 बजे से लागू हो गया है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर बताया कि उन्होंने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत की, जिसके बाद यह सहमति बनी।
अमेरिका की ईरान को चेतावनी
गौरतलब है कि गुरुवार को अमेरिका ने ईरान को चेतावनी दी थी कि यदि ईरान ने शांति समझौते को स्वीकार नहीं किया, तो अमेरिका उसके खिलाफ बड़े सैन्य अभियान की तैयारी कर रहा है, जिससे ईरान को गंभीर नुकसान हो सकता है।