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अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की बातचीत अंतिम चरण में, लेकिन सहमति अभी बाकी

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को समाप्त करने के लिए चल रही बातचीत अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने बताया कि कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बननी बाकी है। प्रस्तावित समझौते में युद्धविराम को बढ़ाने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर औपचारिक वार्ता शुरू करने की योजना शामिल है। हालांकि, ईरान ने इन दावों का खंडन किया है। समझौते की संभावनाएं वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय शांति के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
 

संघर्ष समाप्त करने की कोशिशें

वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को समाप्त करने के लिए बातचीत अब अंतिम चरण में पहुंचने की ओर अग्रसर है। हालांकि, अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने बताया है कि दोनों देशों के बीच कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर अभी भी सहमति बननी बाकी है।


वार्ता की प्रगति

गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में वेंस ने कहा कि यूरेनियम संवर्धन जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा जारी है। उन्होंने कहा, “हम अंतिम समझौते के करीब हैं, लेकिन अभी तक नहीं पहुंचे हैं और वार्ता आगे बढ़ रही है।”


समझौते की संभावनाएं

वेंस ने यह भी कहा कि यदि समझौता होता है, तो होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खोला जा सकेगा। उनके अनुसार, अमेरिका ने ईरान की पारंपरिक सैन्य क्षमताओं को काफी कमजोर कर दिया है और उसके परमाणु कार्यक्रम को लंबे समय तक पीछे धकेलने की स्थिति में है।


युद्धविराम और परमाणु वार्ता

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रस्तावित समझौते में मौजूदा युद्धविराम को 60 दिनों तक बढ़ाने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर औपचारिक वार्ता शुरू करने की योजना शामिल है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि समझौते की रूपरेखा तैयार हो चुकी है, लेकिन इसे अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और ईरानी नेतृत्व की मंजूरी मिलना बाकी है।


ईरान का खंडन

हालांकि, ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी Tasnim News Agency ने इन दावों का खंडन करते हुए कहा है कि किसी भी समझौते को अंतिम रूप नहीं दिया गया है।


यूरेनियम संवर्धन पर अमेरिका की मांग

अमेरिका लंबे समय से ईरान से उच्च स्तर के संवर्धित यूरेनियम के उत्पादन और उसके भंडार को समाप्त करने की मांग करता रहा है। वाशिंगटन का मानना है कि इस सामग्री का उपयोग परमाणु हथियार बनाने में किया जा सकता है।


समुद्री मार्ग की सुरक्षा

रिपोर्टों के अनुसार, संभावित समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने का प्रावधान भी शामिल हो सकता है। इसके तहत ईरान को 30 दिनों के भीतर समुद्री मार्ग में बिछाई गई बारूदी सुरंगों को हटाना होगा। बदले में अमेरिका कुछ प्रतिबंधों में राहत देकर ईरान के तेल निर्यात को फिर से शुरू करने की अनुमति दे सकता है।


ईरान के सरकारी मीडिया की रिपोर्ट

इस बीच, ईरान के सरकारी मीडिया में 14 बिंदुओं वाले कथित समझौता मसौदे की चर्चा भी सामने आई, जिसमें अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने और क्षेत्र से अमेरिकी बलों की वापसी जैसे प्रावधान बताए गए। हालांकि, व्हाइट हाउस ने इस दस्तावेज को मनगढ़ंत बताया है।


युद्धविराम उल्लंघन के आरोप

समझौते की बातचीत के बीच दोनों देशों ने एक-दूसरे पर युद्धविराम उल्लंघन के आरोप लगाए हैं। Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने दावा किया कि उसने क्षेत्र में एक अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाया, जबकि अमेरिकी सेना ने इन दावों को खारिज किया है।


महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। वैश्विक स्तर पर तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है। इसलिए अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को क्षेत्रीय शांति के साथ-साथ वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और आर्थिक स्थिरता के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।