अमेरिका का अरब देशों को हथियारों की बिक्री का प्रस्ताव
अमेरिकी हथियारों की बिक्री का प्रस्ताव
पश्चिम एशिया में अस्थायी शांति के माहौल में, अमेरिका द्वारा हथियारों की बिक्री की खबरें चर्चा का विषय बनी हुई हैं। अमेरिकी प्रशासन ने इजरायल, कतर, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात को 8.6 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के हथियारों की बिक्री का प्रस्ताव दिया है, बिना कांग्रेस की समीक्षा के।
हथियारों की विशेषताएँ
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस प्रस्ताव में उन्नत सटीक मारक हथियार प्रणाली, वायु एवं मिसाइल रक्षा पुनःपूर्ति सेवाएं, और एकीकृत युद्ध कमांड प्रणाली शामिल हैं।
ट्रंप का बयान
इस बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सांसदों को सूचित किया कि ईरान के खिलाफ युद्ध समाप्त हो चुका है, इसलिए सैन्य कार्रवाई के लिए संसद से मंजूरी लेने की आवश्यकता नहीं है। व्हाइट हाउस ने इस संबंध में एक पत्र भी भेजा है।
संसद को पत्र
पोलिटिको की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने कांग्रेस के नेताओं को लिखा कि 7 अप्रैल 2026 के बाद से अमेरिका और ईरान के बीच कोई गोलीबारी नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि 28 फरवरी 2026 से शुरू हुई शत्रुता अब समाप्त हो चुकी है।
कांग्रेस की मंजूरी की आवश्यकता
सिन्हुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार, यह कदम इस बहस को समाप्त करने का प्रयास है कि क्या इस सैन्य कार्रवाई के लिए कांग्रेस की मंजूरी आवश्यक थी। 1973 में लागू वॉर पावर रेजोल्यूशन के तहत, राष्ट्रपति को सैन्य बल के उपयोग की सूचना देने के बाद 60 दिनों के भीतर कार्रवाई समाप्त करनी होती है।
ट्रंप की चेतावनी
ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि ईरान के साथ बातचीत को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि वह मौजूदा प्रस्तावों से संतुष्ट नहीं हैं और कूटनीति और सैन्य कार्रवाई दोनों विकल्पों को खुला रखा है।
ईरान के नेतृत्व पर टिप्पणी
मरीन वन से रवाना होने से पहले ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि ईरान का नेतृत्व बिखरा हुआ है और आम सहमति तक पहुंचने में असमर्थ है। उन्होंने कहा कि सभी एक समझौता करना चाहते हैं, लेकिन वे उलझे हुए हैं और नेतृत्व बहुत असंगठित है।