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अमेरिका की ईरान पर एयरस्ट्राइक, मध्य-पूर्व में बढ़ा तनाव

मध्य-पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है, जब अमेरिका ने ईरान के खिलाफ एक बड़े हवाई हमले का दावा किया। इस कार्रवाई में लगभग 140 सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की गई, जो कि होर्मुज क्षेत्र में एक जहाज पर हुए हमले के जवाब में थी। ईरान ने भी पलटवार करते हुए अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन हमले किए। इस स्थिति ने खाड़ी देशों में सुरक्षा को कड़ा कर दिया है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और अधिक जानकारी।
 

मध्य-पूर्व में तनाव की नई लहर

वॉशिंगटन - मध्य-पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिका ने शनिवार रात को ईरान के खिलाफ एक बड़े हवाई हमले का दावा किया, जिसमें लगभग 140 सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की गई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, यह कार्रवाई होर्मुज क्षेत्र में साइप्रस के झंडे वाले एक कंटेनर जहाज पर हुए हमले के जवाब में की गई।


CENTCOM ने बताया कि जहाज पर हुए हमले के कारण भीषण आग लगी, इंजन को गंभीर नुकसान हुआ और चालक दल का एक सदस्य लापता हो गया। अमेरिका का कहना है कि इसी घटना के बाद ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई की गई। एयरस्ट्राइक के कुछ समय बाद, ईरान ने भी पलटवार का दावा किया। ईरानी सरकारी प्रसारक IRIB के अनुसार, ईरानी सेना ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए। ईरान का कहना है कि इन हमलों में पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम, गोला-बारूद भंडार, रडार स्टेशन और संचार केंद्रों को निशाना बनाया गया।


इसके अलावा, ईरानी सरकारी मीडिया ने कतर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और बहरीन के खिलाफ मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी जारी की। समाचार एजेंसी एपी के अनुसार, कतर में कई धमाकों जैसी आवाजें सुनाई देने के बाद मिसाइल अलर्ट जारी किया गया, जबकि बहरीन में भी सायरन बजाए गए। बहरीन में अमेरिकी नौसेना का पांचवां बेड़ा तैनात है। UAE ने भी संभावित मिसाइल और ड्रोन खतरे को देखते हुए एहतियाती चेतावनी जारी की।


हालांकि, कुवैत, बहरीन, कतर, UAE या अमेरिका की ओर से ईरान के इन जवाबी हमलों या किसी बड़े नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच खाड़ी देशों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।