अमेरिका की नई योजना: अवैध प्रवासियों के लिए आकर्षक सुविधाएं और ताजमहल का विवाद
अमेरिका की नई पहल
वॉशिंगटन: अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने अवैध प्रवासियों के लिए एक नई योजना की शुरुआत की है, जिसमें स्वेच्छा से अपने देश लौटने वाले लोगों को आकर्षक लाभ दिए जा रहे हैं। इस योजना के तहत, प्रवासियों को न केवल मुफ्त हवाई टिकट प्रदान किया जाएगा, बल्कि उन्हें 2,600 डॉलर (लगभग 2.2 लाख रुपये) का ‘एग्जिट बोनस’ भी मिलेगा।
स्वैच्छिक वापसी को सरल बनाना
इस योजना के माध्यम से अमेरिकी प्रशासन ने अवैध प्रवासियों को बिना किसी गिरफ्तारी या डर के अपने देश लौटने का विकल्प दिया है। यह विशेष रूप से भारत, चीन और कोलंबिया जैसे देशों के नागरिकों के लिए तैयार की गई है। प्रवासियों को CBP One App के जरिए पंजीकरण कराना होगा और अपनी वापसी की इच्छा व्यक्त करनी होगी। इसके बाद उन्हें यात्रा और अन्य प्रक्रियाओं में सहायता प्रदान की जाएगी।
लाभार्थियों की संख्या
DHS के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2025 में शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक 22 लाख से अधिक अवैध प्रवासी इसका लाभ उठा चुके हैं, जो इस योजना की लोकप्रियता को दर्शाता है।
गिरफ्तारी से राहत
इस योजना के तहत पंजीकरण कराने वाले प्रवासियों को यह राहत भी दी गई है कि उनके प्रस्थान तक Immigration and Customs Enforcement उन्हें हिरासत में लेने या कानूनी कार्रवाई करने को प्राथमिकता नहीं देगा। इससे उन्हें अपने व्यक्तिगत और पेशेवर कार्यों को निपटाने का समय मिलेगा।
योजना के प्रमुख लाभ
अमेरिकी सरकार ने ‘सेल्फ-डिपोर्टेशन’ को प्रोत्साहित करने के लिए कई सुविधाएं जोड़ी हैं:
- नकद प्रोत्साहन: अपने देश पहुंचने पर 2,600 डॉलर का बोनस
- मुफ्त हवाई यात्रा: चयनित देशों के प्रवासियों के लिए फ्री टिकट
- जुर्माना माफी: पूर्व में लगाए गए जुर्माने को पूरी तरह माफ किया जाएगा
- सम्मानजनक वापसी: यात्रियों के साथ सामान्य यात्रियों जैसा व्यवहार, बिना हथकड़ी या गिरफ्तारी
योजना का उद्देश्य
विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना अवैध प्रवासन को नियंत्रित करने के साथ-साथ मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की कोशिश है, ताकि लोग बिना किसी दबाव के स्वेच्छा से अपने देश लौट सकें।
ताजमहल की तस्वीर पर विवाद
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर DHS ने इस योजना का प्रचार करने के लिए भारत के ताजमहल, कोलंबिया और चीन के प्रसिद्ध लैंडमार्क्स की तस्वीरों का उपयोग किया है। इसका उद्देश्य उन अवैध प्रवासियों तक पहुंचना है जो गिरफ्तारी के डर से छिपे हुए हैं और उन्हें यह समझाना है कि वे सुरक्षित तरीके से अपने घर लौट सकते हैं। हालांकि, इस पर सोशल मीडिया पर भारी विरोध भी देखने को मिल रहा है, जहां यूजर्स ने इसे ताज महल की फोटो का अपमान बताया है।