अमेरिका ने अवैध प्रवासियों को लौटने का दिया सम्मानजनक अवसर
अमेरिका का नया कदम
कुछ समय पहले, जब अमेरिका ने अवैध प्रवासियों को भारत भेजा था, तब भारतीयों ने इस अमानवीय व्यवहार की कड़ी निंदा की थी। मोदी सरकार पर भी यह आरोप लगा कि उसने अमेरिका के इस कृत्य के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
अब, अमेरिका ने भारतीयों समेत वहां रह रहे अवैध प्रवासियों को स्वदेश लौटने का एक सम्मानजनक विकल्प प्रदान किया है। अमेरिका के गृह मंत्रालय ने एक पोस्टर जारी किया है, जिसमें भारत और अन्य देशों के अवैध अप्रवासियों को मुफ्त में स्वदेश भेजने के साथ-साथ 2600 अमेरिकी डॉलर (लगभग 2 लाख 40 हजार रुपये) का निर्वासन बोनस देने की पेशकश की गई है।
डीएचएस ने इस स्व-निर्वासन पहल को बढ़ावा देने के लिए ताजमहल और अन्य प्रमुख स्थलों की तस्वीरों का उपयोग किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक पोस्ट में कहा गया है कि सीबीपी होम ऐप का उपयोग करके स्व-निर्वासन करने पर आपको घर वापसी की मुफ्त उड़ान और 2,600 अमेरिकी डॉलर का बोनस मिलेगा। यह पहल पिछले साल मई में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद शुरू की गई थी।
डीएचएस ने प्रवासियों को प्रक्रिया शुरू करने के लिए सीबीपी ऐप का उपयोग करने की सलाह दी है, जिससे वे स्वेच्छा से देश छोड़ने के अपने इरादे के तहत पंजीकरण कर सकें। जनवरी 2025 में इस योजना के शुरू होने के बाद से 22 लाख से अधिक अवैध अप्रवासियों ने इसका लाभ उठाया है।
अमेरिकी गृह मंत्रालय के अनुसार, जबरन निर्वासन की लागत 18,245 अमेरिकी डॉलर है, जबकि स्व-निर्वासन की लागत 5,100 अमेरिकी डॉलर होगी। इससे अमेरिकी करदाताओं को प्रति अवैध प्रवासी 13,000 अमेरिकी डॉलर से अधिक की बचत होगी। हाल ही में वाइट हाउस के राजनीतिक निदेशक ने पार्टी के सांसदों से आव्रजन प्रवर्तन को प्राथमिकता देने का आग्रह किया था, जिसके बाद निर्वासन अभियान में तेजी आई है।
डीएचएस के अनुसार, सीबीपी होम ऐप का उपयोग करने से अवैध प्रवासियों को अपनी वापसी की योजना बनाने की अनुमति मिलती है, जिसमें समय पर प्रस्थान करने के अवसर के साथ आर्थिक मदद भी शामिल है। अमेरिका में बसे अवैध प्रवासियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिसे उन्हें गंभीरता से लेना चाहिए।
भारत से गए अवैध प्रवासियों के परिवारों को भी अपने सगे-संबंधियों को स्वदेश लौटने के लिए प्रेरित करना चाहिए, क्योंकि यह सभी के लिए फायदेमंद होगा।
-इरविन खन्ना, मुख्य संपादक।