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अमेरिका ने ईरान के खिलाफ होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकेबंदी की घोषणा की

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ परमाणु वार्ता विफल होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकेबंदी की घोषणा की है। यह कदम पश्चिम एशिया में तनाव को और बढ़ा सकता है, क्योंकि यह क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नाकेबंदी का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। जानें इस स्थिति के पीछे के कारण और इसके संभावित परिणाम क्या हो सकते हैं।
 

ईरान के साथ वार्ता विफल होने के बाद अमेरिका का बड़ा कदम

तेहरान/वॉशिंगटन : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ परमाणु वार्ता के असफल होने के कुछ घंटों बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकेबंदी की घोषणा की है। इस निर्णय से पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ने की संभावना है।


अमेरिकी केंद्रीय कमान CENTCOM के अनुसार, राष्ट्रपति के आदेश पर आज सुबह 10 बजे (पूर्वी समय) से ईरानी बंदरगाहों पर सभी समुद्री यातायात की नाकेबंदी शुरू की जाएगी। यह प्रतिबंध उन सभी जहाजों पर लागू होगा जो ईरान के तटीय क्षेत्रों, अरब सागर और ओमान की खाड़ी से जुड़े बंदरगाहों में प्रवेश या निकास कर रहे हैं।


हालांकि, CENTCOM ने यह स्पष्ट किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गैर-ईरानी बंदरगाहों के लिए जाने वाले जहाजों की आवाजाही पर कोई रोक नहीं होगी। वाणिज्यिक जहाजों को आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान देने और आवश्यकता पड़ने पर अमेरिकी नौसेना से संपर्क करने की सलाह दी गई है।


राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर कहा कि अमेरिकी नौसेना को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में उन जहाजों की पहचान करने और रोकने के निर्देश दिए गए हैं, जिन्होंने ईरान को 'अवैध टोल' का भुगतान किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे जहाजों को सुरक्षित आवागमन की अनुमति नहीं दी जाएगी और अन्य देशों के भी इस अभियान में शामिल होने का दावा किया।


होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां से दुनिया के कुल तेल का लगभग 20% परिवहन होता है। इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की बाधा का सीधा असर वैश्विक तेल बाजार और ईंधन की कीमतों पर पड़ सकता है।


यह ध्यान देने योग्य है कि अमेरिका और इजराइल के बीच 28 फरवरी से जारी संघर्ष के बाद क्षेत्र में हिंसा बढ़ी है। रिपोर्टों के अनुसार, इस दौरान ईरान, लेबनान, इजराइल और खाड़ी देशों में हजारों लोगों की मौत हुई है और कई देशों के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।


विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज में नाकेबंदी से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ सकता है, खासकर ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार मार्गों पर। वहीं, क्षेत्र में सैन्य टकराव का खतरा भी और बढ़ गया है।