अमेरिका ने ईरान के ड्रोन कार्यक्रम पर कड़े प्रतिबंध लगाए
अमेरिका का नया कदम
नई दिल्ली - अमेरिका ने ईरान के ड्रोन और मिसाइल कार्यक्रम पर एक महत्वपूर्ण प्रहार करते हुए कई विदेशी कंपनियों और कारोबारियों पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं। वॉशिंगटन का आरोप है कि ये कंपनियां गुप्त नेटवर्क के माध्यम से ईरान की सेना को तकनीकी सहायता, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और संवेदनशील सामग्री प्रदान कर रही थीं।
प्रतिबंधों का उद्देश्य
अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने एक बयान में कहा कि इस नई कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ईरान की सैन्य उत्पादन क्षमता को कमजोर करना और उसके ड्रोन नेटवर्क को वैश्विक स्तर पर फैलने से रोकना है। अमेरिका ने चेतावनी दी है कि जो भी विदेशी कंपनियां तेहरान के रक्षा कार्यक्रम को सहायता देंगी, उनके खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।
निशाने पर विदेशी कंपनियां
चीन, दुबई और हांगकांग की कंपनियां
प्रतिबंधों की सूची में चीन, हांगकांग, दुबई और बेलारूस से जुड़ी कई कंपनियों और कारोबारियों के नाम शामिल हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ये संस्थाएं ईरान को ऐसे उपकरण और तकनीक मुहैया कर रही थीं, जिनका उपयोग शाहिद ड्रोन और अन्य सैन्य प्रणालियों में किया जाता है। ट्रेजरी विभाग के अनुसार, कुछ कंपनियां फर्जी व्यापारिक दस्तावेजों और शेल नेटवर्क का उपयोग कर ईरान तक सामान पहुंचाने में लगी थीं। अमेरिका का कहना है कि इस नेटवर्क के माध्यम से करोड़ों डॉलर का व्यापार हुआ है।
अमेरिका की सख्त चेतावनी
ट्रंप प्रशासन की नीति
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका उन सभी नेटवर्कों को निशाना बनाएगा जो ईरान की सेना को मजबूत करने में मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम यह सुनिश्चित करेंगे कि अमेरिकी सैनिकों और सहयोगी देशों के खिलाफ इस्तेमाल होने वाले हथियारों की सप्लाई रोकी जाए। जो कंपनियां ईरान के सैन्य कार्यक्रम में मदद करेंगी, उन्हें भारी आर्थिक कीमत चुकानी पड़ेगी।”
क्षेत्रीय सुरक्षा पर खतरा
होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान लगातार अपने ड्रोन और समुद्री हमले की क्षमता को बढ़ा रहा है, जिससे ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। यह क्षेत्र दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्गों में से एक है। विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के महीनों में मध्य पूर्व में बढ़े तनाव के कारण इस समुद्री क्षेत्र में कई बार अस्थिरता देखी गई है। अमेरिका का मानना है कि ईरान अपने ड्रोन नेटवर्क के माध्यम से क्षेत्रीय प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
ईरान का ड्रोन उत्पादन
उत्पादन की गति
पश्चिमी शोध संस्थानों और सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, ईरान तेजी से ड्रोन उत्पादन बढ़ा रहा है। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि तेहरान हर महीने हजारों ड्रोन तैयार करने की क्षमता रखता है। हालांकि, कई रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि नए अमेरिकी प्रतिबंध ईरान की सप्लाई चेन पर दबाव जरूर बढ़ाएंगे, लेकिन तेहरान वैकल्पिक व्यापारिक रास्तों और नए सहयोगियों के माध्यम से अपने सैन्य कार्यक्रम को जारी रखने की कोशिश कर सकता है।