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अमेरिका ने ईरान के वार्ता प्रस्ताव को किया अस्वीकार, अब 15 बिंदुओं पर होगी चर्चा

अमेरिका ने ईरान द्वारा प्रस्तुत 10 बिंदुओं के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है और अब दोनों देश 15 बिंदुओं पर चर्चा करेंगे। यह वार्ता 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में होगी। व्हाइट हाउस ने बताया कि ईरान ने होर्मुज जलसंधि को खुला रखने पर सहमति दी है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है। जानें इस वार्ता के पीछे की रणनीतियाँ और ट्रंप की शर्तें क्या हैं।
 

ईरान का सीजफायर प्रस्ताव


ईरान ने सीजफायर की पुष्टि की। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता 10 अप्रैल को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आयोजित की जाएगी। दोनों देशों ने इस वार्ता के लिए अपनी सहमति दी है। हालाँकि, अमेरिका ने ईरान द्वारा प्रस्तुत 10 बिंदुओं के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। अब वार्ता 15 बिंदुओं के नए प्रस्ताव पर केंद्रित होगी।


दोनों देशों ने दो सप्ताह के लिए सीजफायर की घोषणा की है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया कि ईरान ने होर्मुज जलसंधि को खुला रखने पर सहमति दी है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है। ईरान का नया प्रस्ताव वार्ता के लिए एक ठोस आधार माना गया है। पहले का 10 बिंदुओं का प्रस्ताव अमेरिका द्वारा पूरी तरह से खारिज कर दिया गया था।


ट्रंप की शर्तें अपरिवर्तित


लेविट के अनुसार, ईरान ने संशोधित प्रस्ताव पेश किया है, जिसे अमेरिका ने बातचीत के लिए स्वीकार कर लिया है। यह नया प्रस्ताव अमेरिका के 15 बिंदुओं वाले प्रस्ताव के साथ मिलकर आगे बढ़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रंप की मुख्य शर्तें अपरिवर्तित हैं, जिसमें ईरान का यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह से बंद करना शामिल है।


महत्वपूर्ण आगामी सप्ताह


व्हाइट हाउस के अनुसार, अगले दो सप्ताह अत्यंत महत्वपूर्ण होंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच गुप्त और जटिल बातचीत होगी। यह बातचीत तभी जारी रहेगी जब होर्मुज जलसंधि पूरी तरह खुला रहेगा। लेविट ने बताया कि इस्लामाबाद में बातचीत का अगला दौर होगा, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति की एक विशेष टीम भेजी जा रही है। इस टीम का नेतृत्व जेडी वेंस करेंगे।