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अमेरिका ने ईरान को समर्थन देने वाली छह संस्थाओं पर लगाया प्रतिबंध

अमेरिका ने ईरान को सहायता देने वाली छह संस्थाओं पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं, जिसमें एक भारतीय कंपनी भी शामिल है। यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय व्यापार में हलचल पैदा कर सकती है। अमेरिका का आरोप है कि इन संस्थाओं ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स को वित्तीय और लॉजिस्टिक सहायता प्रदान की है। जानें इस मामले में अमेरिका की चेतावनी और अन्य देशों की कंपनियों पर भी लगे प्रतिबंधों के बारे में।
 

अमेरिका की कड़ी कार्रवाई

वाशिंगटन: अमेरिका ने ईरान की विवादास्पद एयरलाइन और आतंकवादी संगठनों को गुप्त रूप से सहायता देने के आरोप में भारत की एक कंपनी सहित छह संस्थाओं और व्यक्तियों पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। यह कदम अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कूटनीति में हलचल पैदा करने वाला है। अमेरिका का आरोप है कि इन संस्थाओं ने ईरान के 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) को वित्तीय और लॉजिस्टिक सहायता देकर एक बड़े आतंकवादी नेटवर्क को मजबूत किया है।


भारत की कंपनी पर नजर

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने जिन कंपनियों पर कार्रवाई की है, उनमें 'स्कीज ट्रैवल्स एंड लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड' का नाम प्रमुखता से शामिल है, जो भारत में स्थित है। इस कंपनी के मुख्यालय श्रीनगर और नई दिल्ली में हैं। अमेरिकी विभाग का दावा है कि यह कंपनी 2020 से ईरान की 'महान एयर' के जनरल सेल्स एजेंट के रूप में कार्यरत थी। कंपनी की वेबसाइट पर भी इस बात का उल्लेख है कि वे इस प्रतिबंधित एयरलाइन के संचालन में सहायता कर रहे थे।


अमेरिका की चेतावनी

अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने इस कार्रवाई पर सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति या संस्था IRGC या महान एयर को किसी भी प्रकार की वित्तीय सेवाएं या सहयोग प्रदान करती है, वह आतंकवादी संगठन की मदद कर रही है। बेसेंट ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी सरकार भविष्य में भी ऐसी संस्थाओं की पहचान कर उन्हें बेनकाब करती रहेगी।


महान एयर पर गंभीर आरोप

अमेरिका ने 'महान एयर' के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यह एयरलाइन खुद को एक सामान्य नागरिक विमानन कंपनी के रूप में प्रस्तुत करती है, जबकि वास्तव में यह IRGC और उसकी खतरनाक 'कुद्स फोर्स' की सहायता कर रही है। ट्रेजरी विभाग के अनुसार, इस एयरलाइन ने कुद्स फोर्स के सदस्यों की यात्रा करवाई, सैन्य प्रशिक्षण में मदद की और घातक ड्रोन और हथियारों का परिवहन किया।


चीन और रूस की कंपनियों पर भी कार्रवाई

इस नई ब्लैकलिस्ट में भारत के अलावा चीन और रूस की कंपनियों को भी शामिल किया गया है। चीन की शंघाई विंग्स इंटरनेशनल लॉजिस्टिक कंपनी और शंघाई एलीट इंटरनेशनल ट्रैवेल कंपनी, साथ ही रूस की कार्गो प्राइवेट लिमिटेड पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं। इसके अलावा, चीन के नागरिक तांग ज़न और ईरान के 'डाडेनेगर स्टार्टअप स्टूडियो' को भी बैन किया गया है। इन प्रतिबंधों के लागू होने के बाद इन सभी संस्थाओं की अमेरिका में मौजूद संपत्तियां तुरंत फ्रीज हो जाएंगी।