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अमेरिका ने ईरान पर नए हमले शुरू किए, ट्रंप ने दी चेतावनी

संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर नए हमले शुरू कर दिए हैं, जिसके पीछे राष्ट्रपति ट्रंप की चेतावनी है कि यदि ईरान परमाणु समझौते पर सहमत नहीं होता, तो सैन्य दबाव बढ़ाया जाएगा। ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास एक अच्छा समझौता करने का अवसर है, लेकिन वे वार्ता को आगे नहीं बढ़ा रहे हैं। इस बीच, ईरान ने अमेरिकी हेलीकॉप्टर को मार गिराने की घटना के बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई की है। जानें इस तनावपूर्ण स्थिति के बारे में और अधिक जानकारी।
 

संयुक्त राज्य अमेरिका का सैन्य अभियान

वॉशिंगटन: अमेरिका ने ईरान के विभिन्न ठिकानों पर नए हमले आरंभ कर दिए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी है कि यदि तेहरान वॉशिंगटन के साथ परमाणु समझौते पर सहमत नहीं होता, तो उस पर सैन्य दबाव बढ़ाया जाएगा। यह अमेरिकी सैन्य कार्रवाई बुधवार को शाम 5:15 बजे (ईस्टर्न टाइम) शुरू हुई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देश पर ईरान में कई ठिकानों पर 'आत्मरक्षा' के तहत हमले किए गए हैं।


फ्लोरिडा के मैकडिल एयरफोर्स बेस पर सेंटकॉम के कमांडरों से बातचीत के दौरान हेगसेथ ने कहा, 'आज रात सेंट्रल कमांड काफी व्यस्त रहने वाला है, क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि हम ईरान पर कड़ा प्रहार करेंगे। ईरान के पास एक अच्छा समझौता करने का अवसर है, जिससे वे उन बातों को आधिकारिक रूप दे सकते हैं, जिन्हें वे पहले से कहते रहे हैं।'


व्हाइट हाउस में ट्रंप ने कहा कि कई महीनों की बातचीत के बावजूद ईरान ने वार्ता को आगे नहीं बढ़ाया। उन्होंने कहा, 'मैं कई महीनों से ईरान के साथ काम कर रहा हूं और उन्हें इस समझौते पर हस्ताक्षर कर देने चाहिए। यह एक अच्छा समझौता है, जो उन्हें परमाणु हथियार रखने का अधिकार नहीं देता।'


ये हमले उस समय हुए जब सोमवार को ईरान ने ओमान के पास अमेरिकी सेना के एक एएच-64 अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया था। ट्रंप ने कहा कि हेलीकॉप्टर का चालक दल सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन उन्होंने आगे भी सैन्य कार्रवाई जारी रखने की बात कही।


उन्होंने कहा, 'हमने उन्हें कल कड़ा जवाब दिया था, और आज फिर देंगे। समझौते का क्या होता है, यह देखेंगे। हम समझौते के बहुत करीब पहुंच गए थे, लेकिन वे हमें लगातार टालते रहे हैं।'


सेंटकॉम ने कहा कि ये हमले 'ईरान की लगातार और बिना वजह की आक्रामक गतिविधियों' के जवाब में किए गए हैं। इससे पहले दिन में कमांड ने बताया था कि अमेरिकी बलों ने एक और तेल टैंकर को रोका, जो अमेरिकी नेतृत्व वाली नाकाबंदी का उल्लंघन करते हुए ईरानी तेल ले जा रहा था।


सेंटकॉम के अनुसार, अमेरिकी विमान ने पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर एम/टी सेट्टेबेल्लो के इंजन रूम पर सटीक हथियारों से हमला किया, क्योंकि उसके चालक दल ने कई बार दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया। हेगसेथ ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट के आसपास चल रहे सैन्य अभियान अमेरिकी रणनीति का अहम हिस्सा हैं। उनका दावा था कि 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' के तहत अब तक 10 करोड़ से अधिक बैरल तेल अमेरिकी सुरक्षा के बीच सुरक्षित रूप से इस मार्ग से गुजर चुका है।


उन्होंने कहा, 'संयुक्त राज्य अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट को नियंत्रित करता है। हम अपने साझेदारों के साथ मिलकर तेल और अन्य सामान की आवाजाही सुनिश्चित कर रहे हैं, और यह काम कई हफ्तों से लगातार हो रहा है, भले ही ईरान इसे स्वीकार न करना चाहे।' पेंटागन प्रमुख ने कहा कि सेंटकॉम ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को काफी कमजोर कर दिया है और चेतावनी दी कि आगे और हमले भी हो सकते हैं।


उन्होंने कहा, 'ईरान के पास समझौता करने का मौका है। राष्ट्रपति ट्रंप एक समझौता कराने वाले नेता हैं, और वे यह समझौता करने के लिए तैयार हैं। ईरान के लिए समझदारी इसी में है कि वह इसे स्वीकार कर ले।' ट्रंप ने भी यही बात दोहराई और कहा कि सैन्य कार्रवाई और कूटनीति दोनों साथ-साथ चल रही हैं। उन्होंने कहा, 'सीधी सी बात है ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकता, और वह नहीं होगा। उन्हें बस एक कागज पर हस्ताक्षर करने हैं।'