अमेरिका ने चीन की एआई रणनीति पर कसा शिकंजा, पेश हुए चार नए बिल
चीन की तकनीकी चुनौतियों का सामना
वॉशिंगटन: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और उन्नत तकनीक में चीन के बढ़ते प्रभाव और जासूसी गतिविधियों को लेकर अमेरिका अब पूरी तरह सतर्क हो गया है। चीन की तकनीकी चोरी और चालबाजियों पर नियंत्रण पाने के लिए अमेरिकी सीनेट ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ओहायो के रिपब्लिकन सीनेटर जॉन हस्टेड और वर्जीनिया के डेमोक्रेटिक सीनेटर मार्क वॉर्नर ने चार महत्वपूर्ण बिलों का द्विदलीय पैकेज पेश किया है। इस पैकेज का मुख्य उद्देश्य निर्यात नियमों को सख्त करना, चीन की एआई क्षमताओं पर नजर रखना और अमेरिकी तकनीक को चीनी जासूसी से सुरक्षित करना है।
चीन की रणनीति पर कड़ी नजर
चोरी और शोषण पर आधारित रणनीति
सीनेटर हस्टेड ने कहा कि अमेरिका को तकनीकी प्रतिस्पर्धा में हमेशा आगे रहना चाहिए। उन्होंने चीन की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि कम्युनिस्ट चीन निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा नहीं करता, बल्कि उसकी रणनीति अमेरिकी तकनीक की चोरी और शोषण पर निर्भर है। यह नया कानून अमेरिकी कंपनियों और उनके नवाचारों को चीनी जासूसी के खतरे से बचाने में मदद करेगा। सीनेटर वॉर्नर ने भी कहा कि अमेरिका भविष्य की तकनीकों में अपनी नेतृत्व क्षमता बनाए रखेगा और चीन को हमारी तकनीक का दुरुपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
चाइना एआई पावर रिपोर्ट एक्ट
चाइना एआई पावर रिपोर्ट एक्ट
इस पैकेज में शामिल 'चाइना एआई पावर रिपोर्ट एक्ट' के तहत अमेरिका के वाणिज्य और विदेश मंत्री को हर साल चीन की एआई क्षमताओं की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। इस रिपोर्ट में चीन के एआई चिप्स, डेटा सेंटर, रोबोट्स, कंप्यूटिंग क्षमता और सेमीकंडक्टर फैक्ट्रियों का गहन अध्ययन किया जाएगा। यह रिपोर्ट यह भी बताएगी कि चीन किस प्रकार अमेरिकी निर्यात नियमों को दरकिनार कर बौद्धिक संपदा की चोरी कर रहा है। कानून बनने के 180 दिनों के भीतर पहली रिपोर्ट पेश की जाएगी, जिसमें चीन की ताकत की तुलना अमेरिका और उसके सहयोगी देशों से की जाएगी।
कड़े कदम और विशेषज्ञों की मदद
कार्रवाई की समयसीमा बढ़ाई गई
चीन के तकनीकी तस्करी के नेटवर्क पर नकेल कसने के लिए 'एक्सपोर्ट कंट्रोल रिफॉर्म एक्ट' में महत्वपूर्ण बदलाव प्रस्तावित किया गया है। इसके तहत दीवानी या आपराधिक मामलों की समयसीमा को पांच साल से बढ़ाकर दस साल किया जा रहा है। 'ऐडवरसरीज एक्ट' के माध्यम से वाणिज्य विभाग का 'ब्यूरो ऑफ इंडस्ट्री एंड सिक्योरिटी' (बीआईएस) यह सुनिश्चित करेगा कि प्रतिबंधित विदेशी कंपनियों की अमेरिका में मौजूद सहयोगी इकाइयां संवेदनशील तकनीक हासिल नहीं कर रही हैं। इसके अलावा, 'बीआईएस स्ट्रेंथ एक्ट' के तहत ब्यूरो को 25 बाहरी विशेषज्ञों की भर्ती करने का अधिकार भी मिलेगा।