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अमेरिका ने भारत के लिए 482 मिलियन डॉलर का रक्षा सौदा किया

अमेरिका ने भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए 482.2 मिलियन डॉलर का एक महत्वपूर्ण रक्षा सौदा किया है। इस सौदे में अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर और M777A2 अल्ट्रा-लाइट होवित्जर तोपों के लिए दीर्घकालिक समर्थन शामिल है। यह कदम भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक संबंधों को और प्रगाढ़ करेगा। जानें इस सौदे के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।
 

भारत की रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

वॉशिंगटन: अमेरिका ने भारत की सैन्य तैयारियों को सुदृढ़ करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अमेरिकी प्रशासन ने भारतीय सेना के लिए अपाचे (Apache) अटैक हेलीकॉप्टर और M777A2 अल्ट्रा-लाइट होवित्जर (Howitzers) तोपों के लिए 'सस्टेनमेंट सपोर्ट सर्विसेज' और संबंधित उपकरणों की बिक्री की औपचारिक अधिसूचना जारी की है। इस सौदे की कुल लागत लगभग 482.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर है। अमेरिकी रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी (DSCA) ने 17 जून को इस संबंध में फेडरल रजिस्टर में अधिसूचना प्रकाशित की है।


लंबी अवधि के लिए सैन्य उपकरणों का समर्थन

इस महत्वपूर्ण रक्षा सौदे की प्रक्रिया पिछले महीने शुरू हुई थी, जब 18 मई को अमेरिकी विदेश विभाग ने कांग्रेस को इन सैन्य प्लेटफार्मों की संभावित बिक्री के बारे में सूचित किया था। अधिसूचना के अनुसार, भारत ने अपनी M777A2 अल्ट्रा-लाइट होवित्जर तोपों के लिए दीर्घकालिक समर्थन की मांग की थी। इसमें लगभग 230 मिलियन डॉलर का पैकेज शामिल है, जिसमें कलपुर्जे, मरम्मत, प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता, फील्ड सर्विस और रसद से संबंधित महत्वपूर्ण सुविधाएं शामिल होंगी। भारत ने विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में अपनी मारक क्षमता को बढ़ाने के लिए इन हल्की लेकिन प्रभावी तोपों की खरीद की थी।


अपाचे हेलीकॉप्टर के लिए अलग पैकेज

इसके अलावा, अमेरिकी रक्षा विभाग ने एक अलग अधिसूचना में बताया है कि भारत ने अपने AH-64E अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों के रखरखाव के लिए भी सहायता मांगी है। इसके लिए 198.2 मिलियन डॉलर का पैकेज स्वीकृत किया गया है, जिसमें अमेरिकी सरकार और ठेकेदारों द्वारा इंजीनियरिंग, तकनीकी और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट, कर्मियों की ट्रेनिंग और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। अपाचे को दुनिया के सबसे उन्नत लड़ाकू हेलीकॉप्टरों में से एक माना जाता है, जिसका उपयोग भारतीय सेना हवाई हमलों और महत्वपूर्ण मिशनों के लिए करती है।


भारत-अमेरिका संबंधों में मजबूती

इस बड़े रक्षा सौदे में अपाचे के सपोर्ट सर्विस का जिम्मा प्रमुख रक्षा कंपनियों बोइंग और लॉकहीड मार्टिन संभालेंगी। वहीं, M777 होवित्जर तोपों के सपोर्ट प्रोग्राम के लिए ब्रिटेन की BAE सिस्टम्स को मुख्य ठेकेदार के रूप में चुना गया है। अमेरिकी रक्षा विभाग का स्पष्ट कहना है कि यह सहायता भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करेगी। इसके साथ ही, यह कदम अमेरिकी विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के लक्ष्यों को पूरा करने में भी सहायक होगा।