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अमेरिका ने यूरोप के आठ देशों पर नए टैरिफ लगाने की घोषणा की

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक फरवरी से यूरोप के आठ देशों पर नए टैरिफ लगाने की घोषणा की है। यह कदम ग्रीनलैंड की खरीद से संबंधित है, जिसमें डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड और फिनलैंड शामिल हैं। ट्रंप ने कहा कि यह टैरिफ तब तक लागू रहेगा जब तक ग्रीनलैंड की खरीद को लेकर कोई समझौता नहीं हो जाता। यूरोपीय संघ ने इस कदम की आलोचना की है और इस पर चर्चा के लिए आपात बैठक बुलाई है।
 

अमेरिका एक फरवरी से आठ देशों पर लगाएगा टैरिफ


अमेरिका ने यूरोप के आठ देशों पर नए टैरिफ लगाने की घोषणा की


नई दिल्ली : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए यूरोप के आठ देशों के खिलाफ एक फरवरी से नए टैरिफ लागू करने का ऐलान किया है। ट्रंप ने इन टैरिफ के पीछे इन देशों द्वारा ग्रीनलैंड को सहायता देने और अमेरिका के खिलाफ उठाए गए कदमों को मुख्य कारण बताया है। जिन देशों पर यह टैरिफ लागू होगा, उनमें डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड और फिनलैंड शामिल हैं।


इन देशों से अमेरिका में भेजे जाने वाले सभी सामान पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा। यह टैरिफ एक जून 2026 से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया जाएगा। यह शुल्क तब तक लागू रहेगा, जब तक ग्रीनलैंड की खरीद को लेकर कोई अंतिम समझौता नहीं हो जाता। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका पिछले 150 वर्षों से ग्रीनलैंड को खरीदने का प्रयास कर रहा है। कई राष्ट्रपतियों ने इसके लिए प्रयास किए हैं, लेकिन डेनमार्क ने हमेशा इनकार किया। अब 'गोल्डन डोम' और आधुनिक हथियार प्रणालियों के कारण इस भूमि को हासिल करना और भी आवश्यक हो गया है।


ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि अगले महीने से डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड और फिनलैंड से भेजे जाने वाले सामानों पर 10 प्रतिशत आयात शुल्क लगेगा। उन्होंने यह भी कहा कि एक जून से यह टैरिफ बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया जाएगा। यह शुल्क तब तक लागू रहेगा, जब तक ग्रीनलैंड की पूर्ण खरीद को लेकर कोई समझौता नहीं हो जाता।


यूरोपीय संघ ने की आलोचना

यूरोपीय संघ की प्रमुख ने ट्रंप के इस कदम की कड़ी आलोचना की है। यूरोपीय संघ ने प्रस्तावित टैरिफ पर चर्चा के लिए एक आपात बैठक बुलाई है। फ्रांस24 की रिपोर्ट के अनुसार, यूरोपीय संघ ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए रविवार को एक आपात बैठक भी आयोजित की है। उसुर्ला वॉन डेर लेयेन ने अंतरराष्ट्रीय कानून और डेनमार्क की क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता अंतरराष्ट्रीय कानून के मूल सिद्धांत हैं, जो यूरोप और पूरी अंतरराष्ट्रीय बिरादरी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।