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अमेरिका ने सौर सेल आयात पर भारी शुल्क लगाया, भारत और अन्य देशों को प्रभावित करेगा

अमेरिका ने भारत, इंडोनेशिया और लाओस से सौर सेल और पैनल के आयात पर भारी डंपिंग-रोधी और प्रतिपूर्ति शुल्क लगाने का निर्णय लिया है। यह कदम उन आरोपों के आधार पर उठाया गया है कि इन देशों के उत्पादकों को अनुचित सरकारी सब्सिडी का लाभ मिला है, जिससे अमेरिकी उद्योग को नुकसान हुआ है। वाणिज्य विभाग ने भारतीय उत्पादकों के लिए 123.04 प्रतिशत, इंडोनेशियाई उत्पादकों के लिए 94.36 प्रतिशत और लाओस के लिए 65.43 प्रतिशत का डंपिंग-रोधी मार्जिन तय किया है। जानें इस निर्णय का अमेरिकी उद्योग पर क्या प्रभाव पड़ेगा और आगे की प्रक्रिया क्या होगी।
 

अमेरिका का नया शुल्क निर्णय


अमेरिका ने भारत, इंडोनेशिया और लाओस से सौर सेल और पैनल के आयात पर भारी डंपिंग-रोधी और प्रतिपूर्ति शुल्क लगाने का निर्णय लिया है। अमेरिकी सरकार का कहना है कि इन देशों के उत्पादकों को अनुचित सरकारी सब्सिडी का लाभ मिला है, जिससे अमेरिकी उद्योग को नुकसान हुआ है।


अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने शुक्रवार को इन देशों से आने वाले क्रिस्टलीय सिलिकॉन फोटोवोल्टिक सेल के लिए डंपिंग-रोधी और प्रतिपूर्ति शुल्क की जांच के अंतिम निष्कर्षों की घोषणा की।


वाणिज्य विभाग ने भारतीय उत्पादकों के लिए 123.04 प्रतिशत, इंडोनेशियाई उत्पादकों के लिए 94.36 प्रतिशत और लाओस के उत्पादकों के लिए 65.43 प्रतिशत का डंपिंग-रोधी मार्जिन निर्धारित किया है।


इसके अतिरिक्त, विभाग ने भारतीय उत्पादकों के लिए 126.09 प्रतिशत, इंडोनेशियाई उत्पादकों के लिए 73.2 प्रतिशत से 173.7 प्रतिशत और लाओस के उत्पादकों के लिए 82.03 प्रतिशत से 153.67 प्रतिशत के बीच प्रतिपूर्ति शुल्क दरें तय की हैं।


यह कार्रवाई 'अलायंस फॉर अमेरिकन सोलर मैन्युफैक्चरिंग एंड ट्रेड' द्वारा दायर याचिका के आधार पर की गई है, जिसमें लाओस और इंडोनेशिया में चीनी स्वामित्व वाले निर्माताओं और भारत में स्थित कंपनियों द्वारा अवैध व्यापार प्रथाओं की जांच की मांग की गई थी।


अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय व्यापार आयोग (यूएसआईटीसी) अब यह जांच करेगा कि क्या इन सब्सिडी प्राप्त आयातों से अमेरिकी उद्योग को नुकसान हुआ है और अगले 45 दिनों में अंतिम निर्णय करेगा। अंतिम मतदान 14 अक्टूबर को होने की संभावना है।


यदि यूएसआईटीसी का निष्कर्ष सकारात्मक होता है, तो वाणिज्य विभाग दो नवंबर तक डंपिंग-रोधी और प्रतिपूर्ति शुल्क आदेश जारी करेगा। यदि निष्कर्ष नकारात्मक होता है, तो यह जांच समाप्त हो जाएगी।