अमेरिका में बर्थ टूरिज्म पर ट्रंप प्रशासन की सख्त कार्रवाई, 600 से अधिक वीजा रद्द
बर्थ टूरिज्म के खिलाफ ट्रंप प्रशासन की कार्रवाई
नई दिल्ली - अमेरिका में नागरिकता प्राप्त करने के लिए बच्चे के जन्म का सहारा लेने वालों के खिलाफ ट्रंप प्रशासन ने कठोर कदम उठाए हैं। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की विशेष टास्क फोर्स ने 'बर्थ टूरिज्म' से जुड़े 600 से अधिक विदेशी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए हैं। यह कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 6 अगस्त के आदेश के बाद तेज हुई है।
बर्थ टूरिज्म प्रिवेंशन टास्क फोर्स का गठन
सरकार ने 'बर्थ टूरिज्म प्रिवेंशन टास्क फोर्स' का गठन किया है, जो उन मामलों की जांच कर रही है, जहां लोग गलत जानकारी, फर्जी दस्तावेज या झूठे यात्रा कारण बताकर अमेरिका में प्रवेश करते हैं और वहां बच्चे के जन्म के माध्यम से अमेरिकी नागरिकता प्राप्त करने का प्रयास करते हैं।
बर्थ टूरिज्म क्या है?
अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन के अनुसार, अमेरिका की धरती पर जन्म लेने वाले बच्चों को सामान्य परिस्थितियों में अमेरिकी नागरिकता मिलती है। इसी प्रावधान का लाभ उठाने के लिए कुछ विदेशी नागरिक गर्भावस्था के दौरान अमेरिका की यात्रा करते हैं।
जांच एजेंसियों का आरोप है कि कुछ लोग टूरिस्ट या बिजनेस वीजा पर अमेरिका जाने के लिए छुट्टी, शॉपिंग, कॉन्फ्रेंस या अन्य कारण बताते हैं, जबकि उनका असली उद्देश्य अमेरिका में बच्चे को जन्म देना होता है।
जांच में सामने आए कई मामले
अमेरिकी विदेश मंत्रालय की विशेष टास्क फोर्स ने होमलैंड सिक्योरिटी और अन्य संघीय एजेंसियों के साथ मिलकर संदिग्ध मामलों की जांच की। अधिकारियों ने वीजा आवेदनों, यात्रा इतिहास और अन्य दस्तावेजों की जांच की।
जांच के दौरान ऐसे मामलों का भी पता चला, जहां कथित तौर पर एजेंसियां, मिडवाइफ और वेलनेस एडवाइजर विदेशी नागरिकों को अमेरिका में बच्चे के जन्म के लिए सेवाएं उपलब्ध कराने का कारोबार चला रहे थे। ऑनलाइन विज्ञापनों के जरिए लोगों को अमेरिकी नागरिकता के संभावित लाभों का लालच दिए जाने की बात भी सामने आई है।
शॉपिंग और कॉन्फ्रेंस का बहाना
एक मामले में एक दंपती ने अमेरिका जाने के लिए शॉपिंग और कॉन्फ्रेंस में शामिल होने का कारण बताया था। वहां उनके दो बच्चों का जन्म हुआ। बाद में वीजा आवेदन के दौरान उन्होंने अपने पहले बच्चे के जन्म से जुड़ी जानकारी कथित तौर पर छिपाई। जांच के बाद दोनों के वीजा रद्द कर दिए गए।
एक अन्य मामले में एक विदेशी सरकारी अधिकारी ने एक सप्ताह की आधिकारिक यात्रा के लिए वीजा लिया, लेकिन वह करीब तीन महीने तक अमेरिका में रही और इसी दौरान बच्चे को जन्म दिया। उसका वीजा भी रद्द कर दिया गया।
इसी तरह एक महिला ने ओरलैंडो में छुट्टियां बिताने की बात कहकर वीजा हासिल किया, लेकिन अमेरिका पहुंचने के बाद वह लॉस एंजिल्स चली गई और वहां पहुंचने के कुछ ही दिनों बाद बच्चे को जन्म दिया।
2024 में 9,600 बच्चों का आंकड़ा
माइग्रेशन पॉलिसी इंस्टीट्यूट के अनुसार, अमेरिका में होने वाले कुल जन्मों की तुलना में 'बर्थ टूरिज्म' का हिस्सा काफी छोटा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में ऐसे मामलों से जुड़े करीब 9,600 बच्चों का जन्म दर्ज किया गया, जिनकी माताओं का विदेशी पता दर्ज था।
वीजा रद्द होने के साथ भविष्य में प्रवेश पर भी रोक
ट्रंप प्रशासन ने बर्थ टूरिज्म के खिलाफ कार्रवाई को और सख्त करने का निर्णय लिया है। विदेश मंत्री मार्को रुबियो और होमलैंड सिक्योरिटी विभाग को ऐसे मामलों में वीजा रद्द करने और संबंधित लोगों के खिलाफ इमिग्रेशन कार्रवाई करने के अधिकार दिए गए हैं।
सरकार की नीति के तहत गंभीर मामलों में संबंधित लोगों को अमेरिका से बाहर निकाला जा सकता है और भविष्य में अमेरिका में प्रवेश पर भी रोक लगाई जा सकती है। हालांकि, बेहद विशेष मानवीय परिस्थितियों में अपवाद की गुंजाइश रखी गई है।