अमेरिका में बिल्ला करता है मरीजों की मौत की सटीक भविष्यवाणी
अनोखा मामला: बिल्ला और उसकी भविष्यवाणी
नई दिल्ली: बिल्लियों का घरों और आस-पड़ोस में आना-जाना सामान्य है, और इनके बारे में कई कहावतें भी प्रचलित हैं। विज्ञान भी मानता है कि कुछ जानवर खतरे या मौत को पहले से भांपने की अद्भुत क्षमता रखते हैं। हाल ही में अमेरिका के रोड आइलैंड से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक नर्सिंग होम में रहने वाला बिल्ला मरीजों की मौत की सटीक भविष्यवाणी करता है, जिससे डॉक्टर भी हैरान हैं। इस रहस्यमयी बिल्ले की हरकतें अस्पताल प्रबंधन के लिए एक अजीबोगरीब अनुभव बन गई हैं, और कई बार यह लोगों को चौंका देती हैं।
100 से अधिक मौतों की सटीक भविष्यवाणी
रोड आइलैंड के स्टीयर हाउस नर्सिंग और रिहैबिलिटेशन सेंटर की डिमेंशिया यूनिट में इस बिल्ले का नाम ऑस्कर है। ब्राउन यूनिवर्सिटी के डॉ. डेविड डोसा ने अपनी किताब 'मेकिंग राउंड विद ऑस्कर' में इस सफेद बिल्ले के कारनामों का जिक्र किया है। ऑस्कर को साल 2000 में मरीजों की थेरेपी के लिए लाया गया था। यह बिल्ला अल्जाइमर और पार्किंसंस रोग के मरीजों के बीच घूमता रहता है, लेकिन जब भी किसी मरीज का अंतिम समय करीब आता है, ऑस्कर उसी के बिस्तर के पास जाकर बैठ जाता है।
डॉक्टरों की भविष्यवाणी भी हुई फेल
ऑस्कर की भविष्यवाणी इतनी सटीक है कि अस्पताल का स्टाफ अब उसके इशारों को समझकर मरीजों के परिजनों को अंतिम समय की सूचना पहले ही दे देता है। डॉ. डोसा बताते हैं कि कई बार ऑस्कर को जानबूझकर दूसरे मरीजों के पास बैठाने की कोशिश की गई, लेकिन वह वापस उसी मरीज के पास लौट आया, जिसकी कुछ ही घंटों में मौत होने वाली थी। एक बार तो ऑस्कर एक ऐसे मरीज के पास बैठ गया, जिसकी हालत ठीक थी, लेकिन उस मरीज ने भी उसी रात दम तोड़ दिया। अगर ऑस्कर को उस कमरे से बाहर निकालने की कोशिश की जाती है, तो वह दरवाजा पीटकर चिल्लाने लगता है।
विज्ञान की दृष्टि में इस रहस्य का सच
इस बिल्ले की भविष्यवाणी ने चिकित्सा विज्ञान को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है। वैज्ञानिकों का मानना है कि जानवरों में रासायनिक और शारीरिक बदलावों को महसूस करने की अद्भुत क्षमता होती है। मौत से पहले इंसान के शरीर में जो सूक्ष्म परिवर्तन होते हैं, जानवर उन्हें भांप लेते हैं। इसके अलावा, बिल्लियों की सूंघने की क्षमता बहुत तेज होती है, जिससे वे शरीर में होने वाली जैविक प्रक्रियाओं और मौत की गंध को पहचान लेती हैं। यही कारण है कि ऑस्कर मौत के करीब खड़े इंसान को पहले ही पहचान लेता है।