अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने मध्यावधि चुनावों में हार का ठीकरा ईरान युद्ध पर फोड़ा
रिपब्लिकन पार्टी की हार का कारण
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने हाल ही में मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की हार का कारण ईरान युद्ध को बताया। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष 'हमारी हार का कारण' बना।
इस चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों में नियंत्रण स्थापित कर लिया है। वेंस की टिप्पणी ने ट्रंप प्रशासन की विदेश नीति पर रिपब्लिकन पार्टी के भीतर बढ़ते मतभेदों को उजागर किया है।
उपराष्ट्रपति ने प्रशासन की विदेश नीति के राजनीतिक प्रभावों को स्वीकार करते हुए कहा कि ईरान युद्ध ने पार्टी की हार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी इस टिप्पणी से यह स्पष्ट होता है कि इस मुद्दे पर रिपब्लिकन खेमे में मतभेद हैं।
वहीं, डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने कांग्रेस में बहुमत मिलने के बाद ट्रंप प्रशासन के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। उन्होंने प्रशासन और उसकी नीतियों की जांच कराने का वादा किया है।
सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता चक शूमर ने कहा कि उनकी पार्टी श्री ट्रंप को 'विधायी कांटों के जाल में उलझा देगी।' यह टिप्पणी राष्ट्रपति के एजेंडे को कांग्रेस में चुनौती देने का संकेत देती है।
ये चुनाव परिणाम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका हैं। उनकी गिरती लोकप्रियता को डेमोक्रेट्स की बढ़त का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। इससे 2028 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले रिपब्लिकन पार्टी की राजनीतिक दिशा पर सवाल उठ रहे हैं।
सीबीएस न्यूज के अनुसार, ट्रंप अपने सलाहकारों के साथ रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के भविष्य पर चर्चा कर रहे हैं, लेकिन राष्ट्रपति ने कहा कि वह उन्हें हटाने पर विचार नहीं कर रहे हैं।
इन नतीजों से ट्रंप के राष्ट्रपति कार्यकाल के शेष समय में उनके विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने में कठिनाइयाँ आ सकती हैं। डेमोक्रेट्स कांग्रेस में अपने बहुमत का उपयोग प्रशासन की निगरानी बढ़ाने और उसकी नीतियों को चुनौती देने के लिए करने की योजना बना रहे हैं।