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अमेरिकी विशेषज्ञों ने ट्रंप के 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' की सराहना की

अमेरिकी विशेषज्ञों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' की प्रशंसा की है, इसे एक ऐतिहासिक सैन्य कार्रवाई मानते हुए। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने ईरान की शासन व्यवस्था को कमजोर किया और क्षेत्रीय संतुलन को बदल दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई मध्य पूर्व में सुरक्षा को बढ़ाने में सहायक होगी। जानें इस अभियान के दूरगामी प्रभाव और विशेषज्ञों की राय के बारे में।
 

विशेषज्ञों की प्रशंसा

वॉशिंगटन - अमेरिका के कई पूर्व जनरलों, राष्ट्रीय सुरक्षा के जानकारों और थिंक टैंक के प्रमुखों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' को एक ऐतिहासिक सैन्य कार्रवाई के रूप में मान्यता दी है। उनका मानना है कि इस अभियान ने मध्य पूर्व में एक मजबूत संदेश भेजा और ईरान की शासन व्यवस्था को कमजोर किया है।


व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया

रविवार को व्हाइट हाउस ने इस संबंध में कई बयानों की सूची जारी की। रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल कीथ केलॉग ने ट्रंप की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस ऑपरेशन का दायरा बहुत बड़ा था और इसे सफलतापूर्वक अंजाम देना अद्भुत है। उन्होंने कहा, 'हमने शानदार काम किया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने बेहतरीन कार्य किया है।'


दूरगामी प्रभाव

रिटायर्ड जनरल जैक कीन ने कहा कि यह अभियान सोच-समझकर किया गया था और इसके दूरगामी परिणाम होंगे। रोनाल्ड रीगन इंस्टीट्यूट के निदेशक रॉजर जैकहाइम ने कहा कि ईरान पर हमले ने क्षेत्रीय संतुलन को बदल दिया है और अमेरिका को सुरक्षित किया है। इसे 47 वर्षों में सबसे प्रभावी रणनीतिक सैन्य कार्रवाई माना गया।


ईरान पर प्रभाव

यॉर्कटाउन इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष सेठ क्रॉप्सी ने कहा कि इस हमले ने ईरान के मुख्य स्तंभों को निशाना बनाया। ईरान के धार्मिक नेताओं, बैलिस्टिक मिसाइल ढांचे और कमांड-एंड-कंट्रोल सिस्टम पर हमले से सरकार पहले से अधिक कमजोर हो गई है। यह हमला ईरान की रणनीतिक गिरावट की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


विशेषज्ञों की राय

फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज के सीईओ मार्क डुबोविट्ज ने कहा कि कोई भी अन्य राष्ट्रपति खामेनेई और उनकी खतरनाक न्यूक्लियर मिसाइल क्षमताओं को समाप्त नहीं कर सकता। फाउंडेशन के सीनियर सलाहकार मियाद मालेकी ने कहा, 'राष्ट्रपति ट्रंप पहले अमेरिकी राष्ट्रपति हैं जिन्होंने ईरानी लोगों की मदद के लिए कदम उठाया है।'


सुरक्षा के लिए कदम

वॉल स्ट्रीट जर्नल के संपादकीय बोर्ड ने इस हमले को एक रोकथाम के कदम के रूप में देखा है। उन्होंने लिखा, 'ईरान पर अमेरिका-इजरायल का हमला एक ऐसे शासन के खिलाफ आवश्यक कदम है जो आतंकवाद को बढ़ावा देता है। इसमें जोखिम है, लेकिन यह मध्य पूर्व को बेहतर बनाने और एक सुरक्षित दुनिया बनाने की क्षमता भी रखता है।'


पूर्व विदेश मंत्री की टिप्पणी

पूर्व विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा, 'राष्ट्रपति ट्रंप ने पश्चिमी सभ्यता को बचाने के लिए कुछ कम नहीं किया है।' पूर्व इजराइली प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट ने कहा कि यह संदेश पूरे क्षेत्र में प्रभाव डालेगा। उन्होंने कहा, 'सबसे बड़ी सीख यह है कि राष्ट्रपति ट्रंप से पंगा न लें।'


राष्ट्रपति का भाषण

टिप्पणीकार ह्यूग हेविट ने राष्ट्रपति के भाषण को विचारशील बताया। उन्होंने कहा, 'राष्ट्रपति ट्रंप का भाषण बहुत ही शांत लेकिन दृढ़ था।'