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अयोध्या दीपोत्सव 2026: सीएम योगी का संदेश और अखिलेश यादव पर कटाक्ष

अयोध्या दीपोत्सव 2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या की भव्यता का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव पर कटाक्ष किया। उन्होंने अयोध्या में शांति का संकल्प लिया और दीपोत्सव की ऐतिहासिक उपलब्धियों को साझा किया। इस आयोजन में 30 लाख दीप जलाए गए, जो भगवान राम के प्रकाश से जगमगा रहे हैं। योगी ने प्रदेशवासियों से 'रामराज्य' की अवधारणा को साकार करने की अपील की।
 

अयोध्या दीपोत्सव 2026 का भव्य आयोजन


अयोध्या दीपोत्सव 2026: दीपोत्सव के अवसर पर अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच से अयोध्या की भव्यता और त्रेतायुग की यादों को ताजा करते हुए कहा कि आज की अयोध्या उसी त्रेतायुग की छवि प्रस्तुत करती है, जब प्रभु श्रीराम, माता जानकी, भाई लक्ष्मण और पवनसुत हनुमान ने 14 वर्षों का वनवास समाप्त कर अयोध्या में प्रवेश किया था।


उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास की प्रसिद्ध चौपाई 'अवधपुरी अति रुचिर बनाई, देवन्ह सुमन बृष्टि नभ लाई' का उल्लेख करते हुए कहा कि आज अयोध्या में एक अद्भुत दृश्य देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों रामलला के विराजमान होने के समय भी आसमान से पुष्पवृष्टि का ऐसा दिव्य दृश्य देखने को मिला था।


अखिलेश यादव पर सीएम का हमला

सीएम योगी ने बिना नाम लिए अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ लोग अयोध्या आने की इच्छा व्यक्त कर रहे हैं। लेकिन उन्हें पहले साधु संतों से माफी मांगनी चाहिए। ये वही लोग हैं जिन्होंने कारसेवकों पर गोली चलवाई थी।


अयोध्या में शांति का संकल्प

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि अयोध्या अब कभी कर्फ्यू के दायरे में नहीं आएगी और कोई भी असामाजिक तत्व यहाँ दंगा करने का साहस नहीं कर सकेगा। उन्होंने कहा कि अयोध्या को अब कोई नजरअंदाज नहीं कर सकता और न ही यहाँ के संतों का अपमान करने का पुराना दौर लौटेगा। यह संकल्प और संदेश दोहराने के लिए वे दीपोत्सव के मंच पर उपस्थित हैं।


दीपोत्सव की ऐतिहासिक उपलब्धि

दीपोत्सव की ऐतिहासिक उपलब्धियों का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने बताया कि यह आयोजन मात्र 25 हजार दीपों से शुरू हुआ था, जो अब 25 लाख की संख्या को पार कर चुका है। राष्ट्रपति के हाथों दीप प्रज्वलन के बाद अयोध्या में कुल 30 लाख दीप जलाए गए हैं, जो भगवान राम के प्रकाश से जगमगा रहे हैं।


उन्होंने राष्ट्रपति का आभार व्यक्त किया और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, संतों और अन्य विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया।


प्रभु श्रीराम का महत्व

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या की यह पावन शक्ति और श्रीराम की चेतना वास्तव में भारत की असली चेतना है। यही हमारी संस्कृति और संस्कार हैं। प्रभु श्रीराम केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि भारत राष्ट्र के प्राण और हर भारतीय का आत्मसम्मान हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे प्रभु के नाम का स्मरण करते हुए 'रामराज्य' की अवधारणा को साकार करने में योगदान दें।