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अयोध्या में मेडिकल छात्र के पास बम बनाने की जानकारी मिली, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

अयोध्या में एक मेडिकल कॉलेज के छात्र के पास से बम बनाने की विधि की जानकारी मिली है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को चिंतित कर दिया है। छात्र की एक गलती ने उसके खतरनाक इरादों का पर्दाफाश किया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। लैपटॉप से भी संदिग्ध सामग्री बरामद हुई है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है। जानें इस सनसनीखेज घटना के बारे में विस्तार से।
 

अयोध्या में सनसनीखेज मामला

अयोध्या: धर्मनगरी अयोध्या से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है जिसने पुलिस और खुफिया एजेंसियों को चिंतित कर दिया है। यहां के एक मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहे पैरामेडिकल छात्र की एक छोटी सी गलती ने उसके खतरनाक इरादों का खुलासा कर दिया। छात्र के पास से एक संदिग्ध पर्ची और लैपटॉप में ऐसे नोट्स मिले हैं, जिनमें बम बनाने की विधि और उसकी तीव्रता से जुड़ी खतरनाक जानकारियां शामिल थीं। इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क हो गई हैं और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है।


लैब में मिली संदिग्ध पर्ची

जानकारी के अनुसार, यह मामला अयोध्या के एक मेडिकल कॉलेज का है। यहां बलरामपुर जिले का निवासी सरफराज नामक छात्र लैब टेक्नीशियन (पैरामेडिकल) के पहले वर्ष में पढ़ाई कर रहा है। बताया जा रहा है कि उसकी रात की ड्यूटी मेडिकल कॉलेज की लैब में थी। सुबह जब अन्य कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर पहुंचे, तो उन्हें वहां एक संदिग्ध पर्ची मिली। पर्ची को पढ़ते ही कर्मचारियों के होश उड़ गए, क्योंकि उसमें बम बनाने की विधि और उसके प्रभाव से संबंधित संवेदनशील जानकारियां थीं। तुरंत कॉलेज प्रशासन को सूचित किया गया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह पर्ची सरफराज की है।


लैपटॉप से मिले गंभीर सबूत

कॉलेज प्रशासन की सूचना पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और सरफराज के डिजिटल उपकरणों को अपने कब्जे में ले लिया। जब पुलिस ने छात्र के लैपटॉप की जांच की, तो उसमें भी कई संदिग्ध नोट्स और आपत्तिजनक सामग्री मिली, जिसने जांच एजेंसियों को चिंतित कर दिया। इन डिजिटल नोट्स में बम बनाने की आधुनिक तकनीक और विस्फोट की तीव्रता से जुड़ी जानकारियां विस्तार से लिखी गई थीं। लैपटॉप से मिले सबूतों ने मामले को और गंभीर बना दिया है।


खुफिया एजेंसियों की कड़ी पूछताछ

अयोध्या जैसे संवेदनशील शहर में बम बनाने की जानकारी के साथ एक मेडिकल छात्र का पकड़ा जाना सुरक्षा के लिए एक गंभीर घटना है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने सरफराज को अपनी कस्टडी में ले लिया है। वर्तमान में सुरक्षा एजेंसियां उसे किसी गुप्त स्थान पर ले जाकर कड़ी पूछताछ कर रही हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बम बनाने की जानकारी जुटाने के पीछे उसका असली मकसद क्या था और क्या इसके तार किसी बड़े नेटवर्क या स्लीपर सेल से जुड़े हुए हैं।