अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावे की चोरी की जांच में पुलिस की कार्रवाई
चढ़ावे की चोरी की जांच में पुलिस की स्थिति
लखनऊ। अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में पुलिस ने अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है। इस मामले की जांच जारी है, जिसमें कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है और दो करोड़ रुपये से अधिक की राशि बरामद की गई है। पुलिस को इस मामले में तीन औपचारिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं, लेकिन एफआईआर अभी तक नहीं हुई है। इस पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर आरोप लगाए हैं।
समाजवादी पार्टी का आरोप
अखिलेश यादव ने कहा, 'भगवान की एफआईआर बड़ी होगी। हम आप जो कानून वाली एफआईआर करवाते हैं, उसका क्या करोगे'? मंगलवार को पुलिस के पास चढ़ावे की चोरी के संबंध में तीन शिकायतें आई हैं। इनमें से एक शिकायत धर्म सेना के संस्थापक संतोष दुबे ने की, दूसरी शिकायत उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने और तीसरी शिकायत करणी सेना ने की है।
विशेष जांच टीम की कार्रवाई
इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) मंगलवार को सुबह 11 बजे मंदिर पहुंची। इस टीम में अयोध्या के कलेक्टर शशांक त्रिपाठी और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर शामिल थे। जांच टीम ने संदिग्ध कर्मचारियों से पूछताछ की और सोमवार को ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से भी जानकारी ली थी।
संदिग्धों पर गंभीर आरोप
चंपत राय के करीबी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। बताया जा रहा है कि टिन्नू के घर से हाल ही में सोना बरामद हुआ है, हालांकि इसकी मात्रा का खुलासा नहीं किया गया है। ट्रस्ट की टीम ने पुलिस के साथ मिलकर यह कार्रवाई की।
ट्रस्ट के अन्य संदिग्ध सदस्य
रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू को ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का करीबी माना जाता है। वह ट्रस्ट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस बीच, मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव के रिश्तेदार सोमेश आनंद भी शक के घेरे में हैं। सूत्रों के अनुसार, सोमेश ने पिछले एक साल में 50 से अधिक यात्राएं की हैं।