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अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावे के मामले में युवक की गिरफ्तारी

अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े मामले में अविनाश शुक्ला नामक युवक की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस ने इस मामले में गबन और धन के दुरुपयोग के आरोपों की जांच तेज कर दी है। अविनाश का संबंध एक योग केंद्र से था, जहां उसके भाई ने उसे बुलाया था। पुलिस ने छापेमारी के दौरान उसके घर से 20 लाख रुपए से अधिक नकद बरामद किए हैं। जानें इस मामले की पूरी कहानी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
 

राम मंदिर चढ़ावे की जांच में तेजी

अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावे से संबंधित मामले की जांच में तेजी आई है। पुलिस ने अविनाश शुक्ला नामक एक युवक को गिरफ्तार किया है, जिस पर मंदिर ट्रस्ट के धन के दुरुपयोग और गबन के गंभीर आरोप हैं।


जानकारी के अनुसार, अविनाश शुक्ला अयोध्या के कौशलपुरी फेज-2 में एक योग केंद्र से जुड़ा हुआ था, जहां वह कुछ समय से निवास कर रहा था। यह योग केंद्र पिछले दो दशकों से अधिक समय से संचालित हो रहा है और यहां योगाचार्य सीमा तिवारी के अनुसार कई छात्र और जरूरतमंद लोग शिक्षा प्राप्त करते हैं। अविनाश का संपर्क उसके भाई अभिषेक शुक्ला के माध्यम से हुआ था।


योगाचार्य सीमा तिवारी ने बताया कि अभिषेक लगभग दस साल पहले आर्थिक कठिनाइयों के चलते इस केंद्र में आया था। गुरुजी ने उसे न केवल शिक्षा दी, बल्कि रहने और खाने की व्यवस्था भी की। इसके बाद अभिषेक को नौकरी मिली और वह स्थिर हो गया। इसी दौरान उसने अपने छोटे भाई अविनाश को भी यहां बुला लिया। करीब डेढ़ साल पहले अविनाश को राम मंदिर में नौकरी मिलने की जानकारी मिली थी।


पुलिस ने 5 जून को योग केंद्र और अन्य संबंधित स्थानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान अविनाश शुक्ला को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के किराए के घर से 20 लाख रुपए से अधिक नकद बरामद किए गए हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी।


सीमा तिवारी ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों से मिली। उन्हें अविनाश के कथित गबन में शामिल होने की कोई पूर्व जानकारी नहीं थी। परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग में 5 जून की घटना कैद हुई थी, जिससे स्थिति स्पष्ट हुई है।


सेवादार सुंदरलाल ने बताया कि अभिषेक पहले पढ़ाई और प्रशिक्षण के लिए इस केंद्र से जुड़ा था और बाद में उसे प्राथमिक शिक्षक की नौकरी मिली। इसके बाद उसने अपने भाई को भी यहां लाया, जो पहले मंदिर के पास पानी की बोतल बेचने का काम करता था। बाद में अविनाश को एक मंदिर ट्रस्ट में पैसे गिनने का काम मिला।


पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच जारी है और वित्तीय लेन-देन, नौकरी से जुड़े रिकॉर्ड तथा सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।