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अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावे चोरी मामले की जांच में तेजी

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे चोरी के मामले की जांच में विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने तेजी लाते हुए ट्रस्टियों से पूछताछ की। अनिल मिश्रा और चंपत राय जैसे प्रमुख ट्रस्ट सदस्यों से पूछताछ के बाद, एसआईटी ने आरोपियों की भूमिका की जांच शुरू की है। इस बीच, प्रशासन ने आरोपियों के घरों पर कार्रवाई की योजना बनाई है। जानें इस मामले में और क्या हो रहा है।
 

जांच में तेजी लाने का निर्णय


अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) को अपनी अंतिम रिपोर्ट पेश करने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है। इस समयावधि के बाद, एसआईटी ने अपनी जांच को और तेज कर दिया है। टीम ने हाल ही में अयोध्या का दौरा किया और ट्रस्ट के सदस्यों से पूछताछ की।


गुरुवार को, विवादों में घिरे ट्रस्टी अनिल मिश्रा से एक बंद कमरे में पूछताछ की गई, जबकि अन्य ट्रस्ट सदस्य गोपाल राव को बाहर बैठाया गया। एसआईटी ने पहले रविवार को ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से लगभग तीन घंटे तक पूछताछ की थी। अब, उनके बयानों का मिलान किया जा रहा है और आरोपियों लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा की नियुक्तियों में ट्रस्ट के अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही है।


एसआईटी ने 15 से 20 जून के बीच मामले की जांच की थी और एक अंतरिम रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी। इस बीच, पुलिस ने जेल में बंद आरोपी अविनाश शुक्ला को 24 घंटे की रिमांड पर लिया है। उसके घर से राम मंदिर का संदूक, 20 लाख रुपये नकद, 1100 से अधिक डॉलर और गहने बरामद हुए हैं। अविनाश मंदिर में चढ़ावे की गिनती का कार्य करता था।


इसके अलावा, प्रशासन आरोपियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई की योजना बना रहा है। अयोध्या विकास प्राधिकरण ने उन मकानों की पहचान की है, जहां नियमों का उल्लंघन हुआ है। लवकुश मिश्रा के शहादतगंज स्थित मकान और अनुकल्प मिश्रा के कौशलपुरी स्थित मकान पर कार्रवाई की जा सकती है।


जांच के दौरान आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला भी शुरू हो गया है। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास ने पहली बार गोपाल राव पर आरोप लगाते हुए कहा कि 'सारी गलती गोपाल राव की है। वे राजनीति कर रहे हैं और सबको उलझा देते हैं। वे राम की परंपरा का पालन नहीं करते।' गोपाल राव कर्नाटक के निवासी हैं और मंदिर निर्माण के प्रभारी हैं। इस बीच, अयोध्या के वकील चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ एफआईआर की मांग कर रहे हैं।