अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे चोरी मामले में चार्जशीट दाखिल
चढ़ावे की रकम चोरी का मामला
अयोध्या: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित भव्य राम मंदिर में चढ़ावे की रकम चोरी के मामले में पुलिस ने अपनी विस्तृत चार्जशीट पेश की है। इस चार्जशीट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जो इस संगठित अपराध और जांच से जुड़े हैं। पुलिस ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के पूर्व महासचिव चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव को इस मामले में क्लीन चिट देते हुए मुख्य गवाह बनाया है। वहीं, चढ़ावे की रकम चुराने वाले आठ आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूतों के साथ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया है।
चोरी का खुलासा कैसे हुआ
चोरी का खुलासा: चार्जशीट के अनुसार, दानपात्र से नकदी गायब होने की घटना 3 जून को पहली बार सामने आई। जब कर्मचारी मदन गोपाल निगम ने अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडे, अनुकल्प मिश्रा और लव कुश मिश्रा को नोटों की गड्डी छिपाते हुए रंगेहाथ पकड़ा। अगले दिन, 4 जून को अविनाश शुक्ला को नोट चुराते हुए दूसरे कर्मचारी संत प्रसाद वर्मा ने देखा। दोनों की शिकायत पर जब निकास द्वार पर चेकिंग शुरू हुई, तो अविनाश ने चुराए गए 2 लाख 25 हजार रुपये बाथरूम में छिपा दिए, जिसे तलाशी के दौरान बरामद कर लिया गया।
सीसीटीवी फुटेज में अविनाश की हरकतें
फुटेज में अविनाश की हरकतें: सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच में यह सामने आया कि अविनाश शुक्ला ने सबसे ज्यादा 85 बार चढ़ावा चोरी किया और 4 बार अन्य की मदद की। करुणेश पांडे ने 2 बार खुद चोरी की और 68 बार मदद की। मनीष यादव, जो महज 50 दिन पहले नौकरी पर लगा था, 35 बार चोरी और सहयोग में संलिप्त पाया गया। जांच में रिटायर्ड बैंक कर्मचारी सुभाष श्रीवास्तव की मिलीभगत भी उजागर हुई है, जिसने सुरक्षा गार्ड को आरोपियों की तलाशी न लेने के लिए कहा था।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
पुलिस की कार्रवाई: पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए सात आरोपियों से अब तक 79 लाख 85 हजार 493 रुपये नकद बरामद किए जा चुके हैं। इसके अलावा, सभी आठ आरोपियों के बैंक खातों में कुल 98 लाख 30 हजार रुपये जमा होने की पुष्टि हुई है। एसआईटी की जांच रिपोर्ट के बाद 25 जून 2026 को कृष्ण मोहन की तहरीर पर दर्ज मुकदमे में कुल 133 लोगों को गवाह बनाया गया है, जिनमें 27 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पूरी कर ली है।