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अरविंद केजरीवाल का ई-20 पेट्रोल के खिलाफ पीएम आवास तक मार्च का ऐलान

अरविंद केजरीवाल ने ई-20 पेट्रोल के खिलाफ पीएम आवास तक मार्च निकालने का ऐलान किया है। उन्होंने ग्राहकों को शुद्ध पेट्रोल और ई-20 के बीच चयन का विकल्प देने की मांग की है। 'नेशनल टाउन हॉल' में शामिल लोगों ने ई-20 से संबंधित समस्याओं के बारे में अपने अनुभव साझा किए। केजरीवाल ने इथेनॉल के फायदों और नुकसान पर सवाल उठाए हैं। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है और कैसे लोग इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
 

ई-20 पेट्रोल के खिलाफ प्रदर्शन की तैयारी


नई दिल्ली में, आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने ई-20 पेट्रोल के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास तक मार्च निकालने की योजना बनाई है। उन्होंने शनिवार को कहा कि ग्राहकों को पेट्रोल पंपों पर शुद्ध पेट्रोल और ई-20 के बीच चयन का विकल्प दिया जाना चाहिए। यदि उनकी यह मांग नहीं मानी जाती है, तो चार अगस्त को पीएम आवास की ओर मार्च किया जाएगा।


केजरीवाल ने ई-20 पेट्रोल पर चर्चा के लिए 'नेशनल टाउन हॉल' का आयोजन किया, जिसमें दिल्ली और अन्य क्षेत्रों से लोग शामिल हुए। इस दौरान, लोगों ने ई-20 पेट्रोल से संबंधित समस्याओं के बारे में अपने अनुभव साझा किए। केजरीवाल ने बताया कि वे तीन अगस्त तक याचिकाएं इकट्ठा करेंगे और फिर लगभग एक सौ समर्थकों के साथ पीएम आवास तक विरोध प्रदर्शन करेंगे।


उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि इथेनॉल फायदेमंद नहीं है, तो इसे क्यों बढ़ावा दिया जा रहा है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा है कि इथेनॉल मिलाने से लाभ हुआ है, अन्यथा ईरान संकट के दौरान पेट्रोल की कीमतें 125 रुपए प्रति लीटर से अधिक हो सकती थीं।


केजरीवाल ने इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के नुकसान के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इथेनॉल बनाने वाले प्लांट के आसपास का पानी प्रदूषित हो जाता है। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह उस रिपोर्ट को सार्वजनिक करे, जिसके आधार पर यह दावा किया गया था कि ई-20 से वाहनों को कोई नुकसान नहीं होता। आम आदमी पार्टी ने प्रधानमंत्री को संबोधित एक ऑनलाइन याचिका शुरू की है, जिस पर दो लाख से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं।


नेशनल टाउन हॉल में शामिल लोगों ने अपने अनुभव साझा किए। एक मैकेनिक आमिर खान ने बताया कि ई-20 फ्यूल से दोपहिया वाहन खराब हो रहे हैं। ओडिशा के स्वप्निल ने कहा कि उनकी कार का एवरेज ई-20 फ्यूल के कारण 14 किलोमीटर प्रति लीटर से घटकर 9 किलोमीटर प्रति लीटर रह गया है। उन्होंने बताया कि ओडिशा में किसान इथेनॉल प्लांट का विरोध कर रहे हैं क्योंकि इससे मछलियों की मौत हो रही है।