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अरविंद केजरीवाल ने E20 पेट्रोल नीति के खिलाफ मार्च का किया ऐलान

अरविंद केजरीवाल ने E20 पेट्रोल नीति के खिलाफ 4 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास की ओर मार्च निकालने की योजना बनाई है। उन्होंने 2 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन सौंपने का ऐलान किया है। केजरीवाल ने इस मार्च में केवल 100 लोगों को शामिल करने की बात कही है, जो पुलिस की लाठी या जेल जाने से नहीं डरते। उन्होंने केंद्र सरकार से तीन प्रमुख मांगें रखीं हैं, जिसमें E20 पेट्रोल की कीमत और विकल्प शामिल हैं। सरकार ने आरोपों को खारिज करते हुए E20 को सुरक्षित बताया है।
 

केजरीवाल का मार्च और ज्ञापन


आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अरविंद केजरीवाल ने 4 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास की ओर मार्च निकालने की योजना बनाई है। उन्होंने दिल्ली में एक टाउनहॉल कार्यक्रम में बताया कि वह 2 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन प्रधानमंत्री को सौंपेंगे। केजरीवाल ने कहा कि वह दोपहर 12 बजे प्रधानमंत्री आवास की ओर प्रस्थान करेंगे।


मार्च में शामिल होंगे 100 लोग

केजरीवाल ने कहा कि इस मार्च में बड़ी संख्या में लोगों की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने केवल 100 ऐसे व्यक्तियों को साथ लाने का निर्णय लिया है, जो पुलिस की लाठी या जेल जाने से नहीं डरते। इच्छुक लोग सोशल मीडिया के माध्यम से उनसे संपर्क कर सकते हैं। ज्ञापन सौंपने के बाद की स्थिति के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।


केंद्र सरकार से तीन मांगें

टाउनहॉल कार्यक्रम में केजरीवाल ने केंद्र सरकार के सामने तीन महत्वपूर्ण मांगें रखीं। पहली, पेट्रोल पंपों पर लोगों को E20 और शुद्ध पेट्रोल में से अपनी पसंद का विकल्प मिले। दूसरी, E20 पेट्रोल की कीमत शुद्ध पेट्रोल से कम हो। तीसरी, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों को ध्यान में रखते हुए पेट्रोल का खुदरा मूल्य 84 रुपये प्रति लीटर से कम किया जाए। उन्होंने लोगों से अपील की कि जब तक देश में E100 के अनुकूल वाहन नहीं बनते, तब तक नए पेट्रोल और डीजल वाहन खरीदने से बचें।


E20 नीति पर केजरीवाल का आरोप

केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि E20 नीति को बिना पर्याप्त अध्ययन के लागू किया गया है। उनका कहना है कि इससे कई वाहनों का माइलेज प्रभावित हो रहा है और तकनीकी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने बताया कि विभिन्न सरकारी मंत्रालय E20 के प्रभाव पर अलग-अलग आंकड़े प्रस्तुत कर रहे हैं, जिससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है।


सरकार ने आरोपों को किया खारिज

वहीं, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने E20 पेट्रोल को लेकर लगाए गए आरोपों को भ्रामक बताया है। मंत्रालय का कहना है कि 25 वर्षों के अध्ययन और परीक्षण के आधार पर E20 को सुरक्षित माना गया है। सरकार के अनुसार, E15 और E20 मिश्रित पेट्रोल का उपयोग करोड़ों दोपहिया और लाखों पेट्रोल कारों में सफलतापूर्वक किया गया है और बड़े पैमाने पर इंजन खराब होने का कोई प्रमाण नहीं मिला है।