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अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश से बाढ़ का कहर, कई गांव प्रभावित

अरुणाचल प्रदेश के लोअर सुबनसिरी और केई पन्योर जिलों में भारी बारिश ने बाढ़ का संकट पैदा कर दिया है। कई गांव जलमग्न हो गए हैं, जिससे घरों और फसलों को नुकसान पहुंचा है। स्थानीय प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए हैं। जानें इस प्राकृतिक आपदा के बारे में और क्या जानकारी मिली है।
 

लोअर सुबनसिरी में बाढ़ का संकट


लोअर सुबनसिरी: अरुणाचल प्रदेश के दो जिलों में भारी बारिश ने तबाही मचाई है। लोअर सुबनसिरी और केई पन्योर जिलों में अचानक आई बाढ़ ने कई गांवों को जलमग्न कर दिया। घरों को नुकसान पहुंचा, खेतों और बागों को बर्बाद किया गया, और कई महत्वपूर्ण पुल और सड़कें बह गईं। मौसम केंद्र इटानगर के अनुसार, लोअर सुबनसिरी जिले के याजली क्षेत्र में 24 घंटे में 72.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।


तेज बारिश का प्रभाव

सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह बारिश केवल 3 घंटे (सुबह 6 बजे से 9 बजे) के भीतर हुई। इतनी तेज बारिश के कारण नदियां अचानक उफान पर आ गईं और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव हो गया।


सबसे अधिक प्रभावित गांव

सबसे ज्यादा प्रभावित गांव: टोरू सर्किल के अंतर्गत लुक्सिन गांव और यियी-1 व यियी-2 गांव सबसे अधिक प्रभावित हुए। सुबह 6:30 बजे के बाद अचानक पानी घरों में घुस गया। लुक्सिन गांव में दुखुम आदि का घर और कई अन्य मकान क्षतिग्रस्त हो गए। अनानास, केला और संतरे के बागान भी पानी में बह गए। यियी गांव में बाढ़ का पानी इतना तेज आया कि पूरे इलाके को पानी ने घेर लिया। स्थानीय लोगों को सुरक्षित निकालकर पड़ोस के घरों में शिफ्ट किया गया। अभी तक किसी की मौत या गंभीर चोट की खबर नहीं है।


इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान

इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान: बाढ़ केवल गांवों तक सीमित नहीं रही। केई पन्योर जिले के पॉसा याजली में NEEPCO कॉलोनी भी बुरी तरह प्रभावित हुई। यहां 15 आवासीय क्वार्टर पूरी तरह नष्ट हो गए। एक बड़ा हाईवे ब्रिज भी पानी के तेज बहाव में बह गया, जिससे इलाके की कनेक्टिविटी बाधित हो गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह क्लाउडबर्स्ट जैसी स्थिति थी। पहाड़ी इलाके में छोटे समय में बहुत ज्यादा बारिश होने से पानी तेजी से नीचे की ओर बहता है, जिससे अचानक बाढ़ आ जाती है।


सरकार और प्रशासन की तैयारियां

सरकार और प्रशासन की तैयारियां: भारत मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि अगले कुछ दिनों में अरुणाचल प्रदेश में और बारिश हो सकती है। मिट्टी पहले से गीली होने और नदियों में पानी बढ़ने की वजह से बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां नदियों के जल स्तर पर लगातार नजर रखे हुए हैं। स्थानीय अधिकारियों को सतर्क रहने और एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।