☰
×

अरुणाचल प्रदेश में सियांग डैम परियोजना पर स्थानीय विरोध और हिंसा

अरुणाचल प्रदेश में सियांग डैम परियोजना को लेकर स्थानीय लोगों का विरोध तेज हो गया है, जिसके चलते हिंसक झड़पें भी हुई हैं। सरकार इसे चीन के हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम मानती है, जबकि स्थानीय समुदाय विस्थापन और पर्यावरणीय नुकसान की चिंताओं को लेकर विरोध कर रहे हैं। जानें इस विवाद के पीछे के कारण और सरकार के तर्क।
 

सियांग डैम परियोजना पर विवाद

अरुणाचल प्रदेश में सियांग डैम प्रोजेक्ट को लेकर स्थानीय लोगों और सरकार के बीच टकराव बढ़ गया है। स्थानीय समुदाय इस बांध परियोजना का विरोध कर रहे हैं, जबकि भारत सरकार इसे चीन के तिब्बत क्षेत्र में चल रहे हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम मानती है। चीन लगातार तिब्बत में हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स का निर्माण कर रहा है, और भारत सियांग डैम के माध्यम से जल संग्रहण और नियंत्रण की योजना बना रहा है।


भारत की जल सुरक्षा की आवश्यकता

भारत के लिए यह परियोजना जल और सामरिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। सियांग प्रोजेक्ट की क्षमता 11,200 मेगावाट बिजली उत्पादन की है। यह केवल बिजली उत्पादन के लिए नहीं, बल्कि जल भंडारण के लिए भी महत्वपूर्ण है, जिससे बाढ़ नियंत्रण में मदद मिलेगी।


स्थानीय समुदाय की चिंताएं

सियांग घाटी में रहने वाले लोग इस परियोजना के खिलाफ हैं, उनका कहना है कि इससे उन्हें विस्थापित होना पड़ेगा। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचाएगी। बड़ी संख्या में लोग अपनी पैतृक संपत्तियों को छोड़ने के लिए मजबूर होंगे।


चीन की योजनाएं और भारत की प्रतिक्रिया

चीन तिब्बत में यारलुंग त्सांगपो नदी पर 60,000 मेगावाट का हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट बना रहा है, जो सियांग नदी से जुड़ता है। भारत इस नदी के जल पर नियंत्रण चाहता है, जिससे उसकी जल सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।


सरकार के तर्क और स्थानीय विरोध

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस परियोजना को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक बताया है। उनका कहना है कि यह चीन के हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के मद्देनजर भारत की जरूरत है। हालांकि, स्थानीय लोग इसे लेकर चिंतित हैं और उनका मानना है कि बिना उनकी सहमति के इस परियोजना को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए।


हिंसा की घटनाएं

पासीघाट में सियांग डैम के विरोध में हिंसा भड़क उठी है। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें हुई हैं। स्थानीय विधायक का कहना है कि अधिकांश लोग इस परियोजना के पक्ष में हैं, लेकिन विरोध राजनीतिक कारणों से हो रहा है।


स्थानीय लोगों की चिंताएं

स्थानीय लोग अपनी जमीनों के डूबने और आजीविका के नुकसान को लेकर चिंतित हैं। सरकार का कहना है कि डैम से बाढ़ कम होगी और बिजली उत्पादन होगा, लेकिन विरोध करने वाले इसे बिना सहमति के आगे बढ़ाने का विरोध कर रहे हैं।