असम एयरफोर्स स्टेशन पर जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़, एक कर्मचारी गिरफ्तार
जासूसी नेटवर्क का खुलासा
नई दिल्ली। भारतीय सुरक्षा बलों ने एक महत्वपूर्ण जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जो देश की सुरक्षा को खतरे में डाल रहा था। राजस्थान और एयरफोर्स इंटेलिजेंस ने मिलकर असम के चाबुआ एयरफोर्स स्टेशन से एक नागरिक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है, जो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी (ISI) के लिए काम कर रहा था।
खुलासे की प्रक्रिया
यह कार्रवाई एक जासूसी मामले की जांच के दौरान हुई। पहले, जैसलमेर (राजस्थान) से एक संदिग्ध जासूस झबराराम को पकड़ा गया था। जब उससे पूछताछ की गई, तो उसने असम में काम कर रहे इस कर्मचारी का नाम बताया। इसके बाद, राजस्थान पुलिस की इंटेलिजेंस विंग ने तकनीकी निगरानी शुरू की और सबूत इकट्ठा कर उसे गिरफ्तार किया।
आरोपी की पहचान
गिरफ्तार व्यक्ति का नाम सुमित कुमार है, जिसकी उम्र 36 वर्ष है। वह उत्तर प्रदेश के प्रयागराज का निवासी है और चाबुआ एयरफोर्स स्टेशन में मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS) के रूप में कार्यरत था। उसकी स्टेशन के विभिन्न हिस्सों तक पहुंच थी, जिसका उसने दुरुपयोग किया।
जासूसी के तरीके
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि सुमित पिछले एक साल से पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था। वह फेसबुक और व्हाट्सएप के माध्यम से जानकारी भेजता था। इसके बदले में उसे समय-समय पर ऑनलाइन पैसे मिलते थे, जिससे वह लालच में आकर देश की सुरक्षा से समझौता कर बैठा।
लीक की गई जानकारियाँ
सुमित ने केवल असम से ही नहीं, बल्कि राजस्थान के बीकानेर (नाल एयरफोर्स स्टेशन) से भी संवेदनशील जानकारियाँ साझा की। उसने विमानों की आवाजाही, उनकी स्थिति, स्टेशन पर तैनात रक्षा प्रणाली की लोकेशन और वायुसेना के अधिकारियों की आंतरिक जानकारियाँ भेजी।
आगे की कार्रवाई
सुमित कुमार को गिरफ्तार करने के बाद जयपुर लाया गया है। उस पर आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। सुरक्षा एजेंसियाँ अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस जासूसी नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हैं और उसने कितनी महत्वपूर्ण जानकारी दुश्मन देश को दी है।