असम और अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ से बिगड़ती स्थिति, हजारों लोग प्रभावित
बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्र
गुवाहाटी। असम और अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन के कारण स्थिति गंभीर होती जा रही है। इन दोनों राज्यों में हजारों लोग बेघर हो चुके हैं और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हुआ है। अरुणाचल प्रदेश के 12 जिलों में हालात सबसे खराब हैं। असम में लेकू नदी के उफान से जोनाई क्षेत्र में बाढ़ आई है, जिससे नेशनल हाईवे 515 भी जलमग्न हो गया है। असम में 96 गांव बाढ़ के पानी में डूब गए हैं।
बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या
असम के छह जिलों में 22,000 से अधिक लोग बेघर हो गए हैं, जिनमें सबसे अधिक प्रभावित धेमाजी जिला है, जहां लगभग 16,000 लोग प्रभावित हुए हैं। अब तक डेढ़ हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि पर फसलें खराब हो चुकी हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू से फोन पर बात की।
मानसून की स्थिति
इस बीच, यह जानकारी मिली है कि 24 जून तक मानसून ने 22 राज्यों को कवर कर लिया है, लेकिन पिछले पांच दिनों से इसकी गति धीमी रही है। मौसम विभाग के अनुसार, यह पांच जुलाई तक अन्य राज्यों में भी पहुंच सकता है। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली के कई क्षेत्रों में प्री-मॉनसून बारिश जारी है। सोमवार को दिल्ली और एनसीआर के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी बारिश हुई है, जहां दो बच्चियों सहित तीन लोगों की मौत और एक व्यक्ति के लापता होने की सूचना है।